कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ल हुंडाल खेल में रहने वाली रिटायर्ड डाककर्मी आशा श्रीवास्तव को नक्षत्र ठीक करने का झांसा देकर शनिवार की शाम को दो ठगों ने सोने के कुंडल, चेन और लॉकेट उतरवा लिए। ठग पचास कदम इधर-उधर देखे बगैर चलने की बात कहकर चंपत हो गए। सोमवार को आशा ने अपने साथ हुई घटना की तहरीर कोतवाली में दी है।
आशा श्रीवास्तव के पति सिद्ध गोपाल श्रीवास्तव डाक विभाग में थे। उनकी मौत के बाद आशा को नौकरी मिल गई। करीब पांच साल पहले आशा रिटायर हुई हैं। वह अपने बेटों के साथ मोहल्ला हुंडाल खेल में रहती हैं। आशा के मुताबिक शनिवार की शाम करीब सात बजे वह बाजार से सब्जी लेकर घर वापस आ रही थीं, तभी मोहल्ले की गली में उन्हें दो युवक मिल गए। उसमें से एक युवक ने आशा से कहा कि तुम्हारे नक्षत्र ठीक नहीं चल रहे हैं। उनकी बात पर आशा रुक गईं। इसी बीच दूसरे युवक ने कहा कि हमारे ऊपर हनुमान जी छाया अपने हाथ आगे करके अपने कुंडल और सोने की चेन निकाल कर उसके हाथ में रख दो। उसकी बातों में आकर आशा ने अपने जेवर उतराकर उसके हाथों में रख दिए। इसके बाद दोनों युवक बोले की सिर पर साड़ी का पल्लू रखकर पचास कदम बगैर इधर-उधर चलों, सभी कष्टों से मुुक्ति मिल जाएगी। पचास कदम चलने के बाद आशा ने पीछे देखा तो दोनों युवक गायब थे। मामले की तहरीर मिलने पर पुलिस ठगाें की तलाश कर रही है।