आवश्यक वस्तु निगम के मिर्जापुर और सिंधौली गोदाम के आकस्मिक निरीक्षण में कई गड़बड़ी सामने आने पर डीएम के अनुमोदन के बाद दोनों गोदाम प्रभारी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
मिर्जापुर। डीएम के निर्देश पर सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी धर्मेंद्र कुमार की टीम ने सोमवार को कस्बा स्थित आवश्यक वस्तु निगम गोदाम का आकस्मिक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के समय गोदाम प्रभारी अशोक त्रिपाठी राशन विक्रेताओं को 50-50 किलो गेहूं और चावल के पैकेट वितरित कर रहे थे। पूर्ति निरीक्षक अजय कुमार द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि डीपीआरओ की चेकिंग में किसी भी राशन विक्रेता को गोदाम से दिए जा रहे गेहूं और चावल के पैकेट में 50 किलो राशन नहीं पाया गया। गोदाम के डेली कंज्यूम रजिस्टर के क्रमांक 15 पर अंकित राशन विक्रेता धनपाल सिंह के नाम के सामने ग्राम पंचायत का नाम अंकित नहीं था। राशन विक्रेता के फर्जी हस्ताक्षर से 112 क्विंटल 62 किलो गेहूं और 76 क्विंटल चावल का उठान किया जा चुका था। गोदाम प्रभारी के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7, धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
सिंधौली। डीएम के आदेश पर हुई छापामारी के दौरान यहां आवश्यक वस्तु निगम के गोदाम पर अतिरिक्त स्टॉक मिलने पर पूर्ति निरीक्षक ने गोदाम प्रभारी के खिलाफ हेराफेरी का मुकदमा दर्ज कराया है। मंगलवार को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी दिनेश शर्मा ने पैना बुजुर्ग में स्थित आवश्यक वस्तु निगम गोदाम पर छापा मारा। स्टॉक चेक करने के दौरान गोदाम में 108 बोरी गेहूं और पांच बोरी चावल ज्यादा पाया गया। पूर्ति निरीक्षक पुवायां अमर सिंह ने गोदाम प्रभारी अवधेश प्रताप के विरुद्ध धोखाधड़ी और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।