- दीक्षा और आरोपी युवक के बीच थे ढाई वर्ष से प्रेम संबंध
- परिवार वालों ने दोनों की शादी अलग-अलग जगह तय कर दी थी
- करीब एक घंटे तक शादी के लिए मनाता रहा प्रेमी, नहीं मानी तो मार दी गोली
- खुद को गोली मारने की कोशिश की तो कारतूस दे गया दगा
अमर उजाला ब्यूरो
कांट/ कुर्रिया कलां। कांट पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही दीक्षा मर्डर केस का खुलासा कर दिया। शादी से इनकार करने पर दीक्षा के प्रेमी ने ही उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। प्रेमिका की हत्या करने के बाद प्रेमी ने खुद को गोली मारकर खत्म करने की कोशिश की, लेकिन कारतूस भी दगा दे गया। पुलिस ने आरोपी प्रेमी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया है। प्रेमी, मृतका की बहन का चचेरा देवर है। मृतका के पिता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
एसओ कांट रजी अहमद के मुताबिक शहर के मोहल्ला बाबूजई निवासी जल निगम कर्मचारी अवधेश वाजपेयी ने अपनी बेटी आकांक्षा की शादी करीब तीन साल पहले कांट क्षेत्र के गांव पल्हिउरा निवासी विकास तिवारी से की थी। शादी के कुछ महीने बाद ही आकांक्षा की छोटी बहन दीक्षा के अपनी बहन के चचेरे देवर रामकमल वाजपेयी उर्फ कन्नू पुत्र श्याम सुंदर वाजपेयी से प्रेम संबंध हो गए। जब इनके प्रेम संबंध की भनक परिवार वालों को लगी तो दोनों पर बंदिशें लगाना शुरू कर दीं। आकांक्षा के परिवार वालों की राजकमल के परिवार वालों से बनती नहीं थी। इसलिए उसके ससुराल वाले भी दोनों के संबंधों के खिलाफ थे।
उधर, राजकमल के परिवार वाले भी उसकी शादी दीक्षा से नहीं करना चाहते थे। परिवार वालों के विरोध के बाद भी दोनों मिलते रहे और मोबाइल पर भी बातचीत होती रही। जब परिवार वालों ने देखा की दोनों मानने को तैयार नहीं हैं तो दीक्षा के परिवार वालों ने उसकी शादी गोला में रहने वाले एक लड़के से तय कर दी। उधर, राजकमल के परिवार वालों ने भी उसकी शादी फर्रुखाबाद में किसी लड़की से तय कर दी। इसके बाद भी दोनों ने मोबाइल पर बातचीत करना बंद नहीं किया। इससे नाराज होकर आठ महीना पहले राजकमल के परिवार वालों ने उसका मोबाइल छीन लिया। इससे नाराज होकर राजकमल कहीं से तमंचा ले आया और खुद को गोली मारने की भी कोशिश की, लेकिन परिवार वालों ने तमंचा छीन लिया। बुधवार को राजकमल ने अपने दोस्त के मोबाइल से फोन करके दीक्षा को कांट बुलाया। कांट से राजकमल उसे बैठाकर अपने खेत पर ले गया। दोनों ने करीब एक घंटा बैठकर बातचीत की। राजकमल चाह रहा था कि दीक्षा उससे शादी करे, लेकिन दीक्षा का कहना था कि उसके परिवार वालों ने जहां शादी तय की है वह वहीं शादी करेगी। इसके बाद राजकमल ने तमंचा निकाल लिया और दीक्षा के सीने पर फायर कर दिया। दीक्षा को गोली मारने के बाद राजकमल ने खुद को भी गोली मारने की कोशिश की, लेकिन कारतूस दगा दे गया। छह बार कारतूस लोड करने के बाद भी वह नहीं चला।
घटना के बाद घर चला गया राजकमल
दीक्षा को गोली मारने के बाद राजकमल अपने घर चला गया। उसने अपने परिवार वालों को बता दिया कि उसने दीक्षा के गोली मार दी है। परिवार वालों ने उसे कमरे में लिटा लिया। पुलिस ने दीक्षा के मोबाइल की काल डिटेल के आधार पर उस लड़के को उठाया, जिसके मोबाइल से दीक्षा ने बात की थी। उस लड़के ने पुलिस को बताया कि उसके मोबाइल से राजकमल ने बात की थी। इसी आधार पर रात में पुलिस ने राजकमल को भी उठा लिया।
कारतूस मिस होने का राजकमल को अफसोस
दीक्षा शादी तय होने के बाद अपने होने वाले पति से बातचीत करने लगी थी। करीब ढाई महीना पहले दीक्षा अपने होने वाले पति से किसी कार्यक्रम में मिली भी थी। दोनों ने एक साथ डांस भी किया था। दीक्षा ने जब से यह बात राजकमल को बताई तब से राजकमल बेचैन हो गया था। उसी दिन से उसने फैसला कर लिया था कि अगर दीक्षा मेरी नहीं हुई तो किसी अन्य की भी नहीं होगी। बुधवार को राजकमल ने पूरी योजना के साथ दीक्षा को बुलाया था। उसने मन में सोच लिया था कि अगर दीक्षा शादी के लिए तैयार नहीं होगी तो उसको गोली मारने के बाद खुद को गोली मारकर खत्म कर लेगा, लेकिन कारतूस ने ऐसा दगा दिया कि वह बच गया।