मंगलवार शाम दो सगी बहनें रास्ता भटककर गांव रामपुर कलां आ पहुंचीं। 11 वर्ष की सुमन और छह वर्ष की उसकी बहन सलोनी को गांव में घूमता देख लोगों ने पूछताछ की तो उन्होंने पिता का नाम नन्हेंलाल और मां का नाम ममता बताया। दोनों बहनों ने बताया कि वह पुवायां के गांव बड़ागांव की रहने वाली हैं और वाल्मीकि जाति की हैं। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और बड़ागांव को खबर भिजवाई। बड़ागांव में नन्हेंलाल वाल्मीकि रहते हैं। उनसे बात हुई तो नन्हेंलाल ने बताया कि उनकी कोई लड़की नहीं खोई है।
बड़ागांव के कुछ लोग भी देर रात रामपुर कलां पहुंचे, लेकिन लड़कियों की पहचान नहीं कर सके। बाद में फिर से पूछने पर सुमन ने खुद को खीरी के थाना मोहम्मदी के गांव बिलैया का रहने वाला बताया। एसओ जसवीर सिंह ने बताया कि पुवायां पुलिस को सूचना देकर लड़कियों को उनके परिवार से मिलवाने के लिए मदद मांगी गई है। दोनों लड़कियां गांव रामपुर कलां में बाबूराम वाल्मीकि के घर हैं। समझा जाता है कि दोनों लड़कियां रास्ता भटक कर रामपुर आ गई हैं।