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राज्यमंत्री राममूर्ति सहित छह के खिलाफ हत्या का केस

Tue, 09 Jun 2015 11:36 PM IST
खुटार (शाहजहांपुर)।
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पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के मामले में प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा, शाहजहांपुर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी श्रीप्रकाश राय सहित छह लोगों के खिलाफ हत्या, साजिश रचने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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 जगेंद्र एक जून को अपने आवास विकास स्थित घर में पुलिस दबिश के दौरान जल गए थे। पुलिस उन्हें अपहरण और हत्या के प्रयास की कोशिश के मामले में गिरफ्तार करने गई थी। जगेन्द्र ने पुलिस पर जलाने का आरोप लगाया था।
मूलरूप से खुटार के रहने वाले सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकार जगेंद्र सिंह वर्तमान में शाहजहांपुर के आवास विकास कॉलोनी स्थित मकान में रहते थे। एक मई को वह अपने मकान में गंभीर रूप से जल गए थे।
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जगेंद्र सिंह ने शाहजहांपुर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी सहित कई लोगों पर पेट्रोल डालकर जला देने का आरोप लगाया था। मजिस्ट्रेट ने उनके बयान दर्ज किए थे।
जबकि कोतवाल का कहना था कि जगेंद्र सिंह के खिलाफ 12 मई को अमित भदौरिया की ओर से दर्ज कराए गए जानलेवा हमला और अपहरण की कोशिश के मामले में वह उन्हें गिरफ्तार करने गए थे। इसी दौरान जगेंद्र ने खुद आग लगा ली। जगेंद्र सिंह के मजिस्ट्रेट ने बयान भी दर्ज किए थे।
बाद में उनको उच्च स्तरीय इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया था, जहां आठ मई को दोपहर में उनका निधन हो गया। सोमवार देर रात उनका शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो कोहराम मच गया।
 बवाल की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पीएसी सहित कई थानों की फोर्स को खुटार में तैनात कर दी थी। सीओ और एसडीएम भी रात में कई बार जगेंद्र के घर गए और परिवार के लोगों से बात की।
मंगलवार को परिवारवालों ने मंत्री सहित अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग करते हुए तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इस पर आक्रोशित परिवार के लोगों ने शव को चिता में रखने के बाद अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया।
 लगभग चार घंटे तक चले हंगामे के बाद जगेंद्र सिंह के बेटे राघवेंद्र सिंह की ओर से पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा, शाहजहांपुर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश राय, ब्रह्म कुमार दीक्षित, अमित प्रताप सिंह भदौरिया, गुफरान, आकाश गुप्ता के खिलाफ खुटार थाने में धारा 302, 504, 506, 120 बी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
इसमें तीन-चार पुलिस वालों को अज्ञात दिखाया गया है। इसके बाद जगेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान विधायक शकुंतला देवी, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सत्यभान सिंह भदौरिया सहित तमाम नेता, कई जनपदों के पत्रकार सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
हमारे खिलाफ विरोधियों की बड़ी सोची समझी राजनीतिक साजिश है। जगेंद्र से हमारा कोई लेनादेना नहीं था और न ही जगेंद्र कभी हमसे मिले। एक पूर्व विधायक के अलावा एक-दो और लोग एक साल से हमारी बढ़ती लोकप्रियता से घबराए हुए थे।
ये लोग जगेंद्र को हमारे खिलाफ मोहरा बनाकर साजिश रच रहे थे। मंगलवार को जगेंद्र के शव का अंतिम संस्कार शुरू भी हो गया था लेकिन तभी दो लोगों ने विरोधियों के इशारे पर पानी डालकर चिता को बुझा दिया।
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 पुलिस पर अंतिम संस्कार न करने का दबाव बनाकर मुकदमा दर्ज कराया गया। मुकदमे की जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
-राममूर्ति सिंह वर्मा, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री प्रदेश सरकार
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