ददरौल ब्लाक से जिला पंचायत सदस्य पद की सपा समर्थित प्रत्याशी अर्चना वर्मा और राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा की पुत्रवधु सोमवार की दोपहर क्षेत्र के किशुराई से प्रचार वाहनों के साथ गुजर रही थी, तभी गांव में एक शराबी ने तमंचा दिखाकर उनकी गाड़ी रोक ली। शराबी उनसे रंगदारी की मांग करने लगा। इसी बीच अर्चना वर्मा ने कांट पुलिस को फोन के करके मौके पर बुला लिया।
दोपहर करीब एक बजे अपने दो प्रचार वाहनों के साथ ददरौल ब्लाक से जिला पंचायत सदस्य पद की प्रत्याशी अर्चना वर्मा अपने दो प्रचार वाहनों के साथ क्षेत्र के गांव किशुराई से गुजर रही थी, तभी गांव के चौराहा के पास रामप्रसाद ने शराब के नशे में तमंचा दिखाकर उनकी गाड़ी रोक ली। शराबी तमंचा दिखाकर अनाप-शनाप बकने लगा। गाड़ियों में सवार अर्चना वर्मा और उनके समर्थक नीचे उतर आए। गांव के लोग भी उनके समर्थन में मौके पर इकट्ठे हो गए। लोगों ने शराबी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। अर्चना वर्मा की सूचना पर कांट इंस्पेक्टर नगदू यादव मौके पर पहुंच गए। पुलिस कर्मियों ने रामप्रसाद को तमंचे के साथ पकड़ लिया। इसके बाद अर्चना वर्मा अपने वाहन में बैठकर गांव से चली गई। पुलिस ने आरोपी रामप्रसाद के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया। रामप्रसाद ने इससे पहले भी चौराहा से गुजर रहे लोगों को रोककर रंगदारी की मांग की थी।
शराबी के द्वारा तमंचा दिखाकर वाहन रोकने की बात निराधार है। वहां से गुजर अर्चना वर्मा ने चौराहा पर तमंचा लिए खड़े व्यक्ति को देखकर सूचना दी थी। आरोपी को तमंचे के साथ गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है।
- नगदू यादव, इंस्पेक्टर कांट