बरेली की सीमा से सटे शाहजहांपुर के मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र में बीते 19 और 24 अप्रैल को दो आढ़तियों से चार लाख रुपये से अधिक की रकम लूटने वाला गिरोह बरेली का है। इस गिरोह ने कई जिलों में लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है। शाहजहांपुर के एक शातिर सुरेंद्र उर्फ गुड्डू ने बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के बिसी रम्पुरा निवासी रामगोपाल उर्फ बड़े से संपर्क साधकर लूट की योजनाएं बनाई थीं। पुलिस ने गुरुवार को सरगना के सगे भाई हिस्ट्रीशीटर रामौतार, गुड्ड और बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र के कली गला नगला निवासी डिप्टी सिंह को गिरफ्तार किया तो मामला खुला। तीनों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गिरोह का सरहना रामगोपाल और उसका साथी हाफिजगंज निवासी बुधवार को दो अलग-अलग मामलों में कोर्ट में आत्मसमर्पण कर जेल चले गए हैं। दोनों फरार घोषित थे और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो गया था। रामौतार की पत्नी हाफिजगंज के एक गांव की प्रधान है।
मीरानपुर कटरा में 19 अप्रैल को रसेवन गांव स्थित आढ़त के सामने से बाइक सवार लुटेरों ने व्यापारी गौरव गुप्ता से डेढ़ लाख रुपये लूट लिए थे। इसके बाद 24 अप्रैल को जैतीपुर रोड पर हरिहर गांव के सामने खैरपुर चौराहे के पास लुटेरों ने तमंचे के बल पर आढ़ती अनिल गुप्ता से तीन लाख रुपये लूटे थे। पूछताछ में गिरफ्तार तीनों लुटेरों ने बताया कि तीनों को ही रुपयों की जरूरत थी। गुड्डू बेटे की शादी में कर्जदार बन गया था। रामौतार अपनी पत्नी सोनी के ग्राम प्रधान के चुनाव में काफी रुपया लुटा चुका था और डिप्टी को कुछ अन्य कारणों से रुपयों की जरूरत थी। तीनों ने लूट की योजना बनाई और दोनों आढ़तियों के आवाजाही के रास्ते और आढ़त की रेकी। पाया कि सुबह पुलिस का मूवमेंट कम रहता है और आढ़ती ठीकठाक रकम लेकर आतेजाते हैं, तो उन्होंने इन्होंने रामगोपाल, महेश और रिंकू ठाकुर को योजना में शामिल कर लूट को अंजाम दिया।
प्रेस कांफ्रेंस में एसपी डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि बरेली कोर्ट में सरेंडर कर चुके दोनों हिस्ट्रीशीटरों को रिमांड पर लेकर लूट की शेष रकम बरामद की जाएगी। तीनों के पास से एक मोटरसाइकिल, एक तमंचा, कारतूस और 15 हजार रुपये नगद बरामद हुए हैं। बताया कि कोर्ट में सरेंडर कर चुके हाफिजगंज निवासी का गिरोह आईजी के यहां भी आईजेड 13 पर पंजीकृत है। प्रेसवार्ता में एसपी देहात रमेश कुमार भारतीय और सीओ सदर अनुराग दर्शन मौजूद थे।
गिरफ्तार करने वाली टीम
मीरानपुर कटरा लूटकांड में अंतर्जनपदीय गिरोह को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में एसओ नरेंद्र यादव, एसआई राजेंद्र सिंह, रामनरेश सिंह और स्वतंत्र कुमार सिंह के अलावा कांस्टेबल जर्मन सिंह, जलालुद्दीन, रणविजय, बाबूराम और नेत्रपाल शामिल रहे।
गिरोह के सदस्यों का आपराधिक इतिहास
रामगोपाल उर्फ बड़े : मौजूदा जांच में इसके खिलाफ विभिन्न जनपदों में कुल 31 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। अन्य केसों का ब्योरा भी खंगाला जा रहा है। बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के बिसी रम्पुरा निवासी इस हिस्ट्रीशीटर का अपना गिरोह है जो कि बरेली जोन में आईजेड 13 पर पंजीकृत है। बरेली के हाफिजगंज, प्रेमनगर, आंवला, मीरगंज, फरीदपुर और बहेड़ी के अलावा मथुरा, शाहजहांपुर, पीलीभीत और हाथरस में इसके खिलाफ लूट, हत्या, डकैती, और जानलेवा हमले के 31 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
रामऔतार : यह सरगना का छोटा भाई है और हिस्ट्रीशीटर भी है। हाफिजगंज थाना का यह एचएस नंबर 2ए है। इसके खिलाफ बरेली के उक्त थानों एवं उक्त जनपदों में कुल 29 आपराधिक मुकदमे दर्ज की जानकारी मिली है।
महेश : बड़े के गिरोह का सक्रिय सदस्य है और हाफिजगंज का ही निवासी है। इस पर बरेली के भुता, हाफिजगंज आदि के अलावा पीलीभीत में लूट, हत्या और जानलेवा हमले के 11 आपराधिक केस दर्ज होने की जानकारी पुष्ट हुई है।
पत्नी के प्रधान बनने पर बना ली कोठी
शाहजहांपुर। पुलिस ने बृहस्पतिवार को बरेली निवासी जिस सरगना के अंतर्जनपदीय लुटेरा गिरोह का खुलासा किया, उसके सरगना भाइयों की कुछ रोचक कहानी सामने आई है। सरगना के छोटे भाई रामौतार की पत्नी सोनी ने बीते पंचायत चुनाव में प्रधानी का चुनाव लड़ा था। उसमें इसने खूब रुपये खर्च किए और सोनी प्रधान भी बन गई। उस समय तक यह परिवार छप्पर वाले घर में रहा करता था। सुराग के आधार पर जब पुलिस दबिश देने गई तो मौके पर घर देखकर अचंभित रह गई। वहां 500 गज में पक्की कोठी बनी हुई थी। काफी आश्वस्त होने के बाद पुुलिस ने इन पर शिकंजा कसा।