प्रशासन की ओर से मिले चेकों के भुगतान को लेकर भटक रहीं बड़ा हरेवा की पीड़ित महिलाओं को मंगलवार को राहत मिल गई। एक पीड़िता का खाता सही निकलने के बाद तहसीलदार के आदेश पर नायब तहसीलदार (एनटी) ने चारों महिलाओं को लेकर स्टेट बैंक पहुंचे और उनके नए खाते खुलवाकर चेक जमा करवाए। इस दौरान दो महिलाओं के चेकों में नाम गलत पाए जाने पर उन्हें कानूनगो को देकर अविलंब दुरुस्त करने को कहा गया है।
मालूम हो कि बड़ा हरेवा गांव की पीड़ित पांच महिलाओं को डीएम द्वारा 90-90 हजार के चेक देने के बाद उनके खाते बैंक में खुलवाकर चेक जमा कराने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन ने इस मामले में लापरवाही बरतते हुए उक्त महिलाओं के एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र पिटारमऊ पर जन धन योजना के तहत खाते खुलवा दिए गए। बैंक के प्रावधान के कारण पीड़ितों के न तो चेक जमा हो पा रहे थे और न ही उन्हें पेमेंट मिल पा रहा था। इससे परेशान पीड़ितों की खबर प्रकाशित होने के बाद मंगलवार को पीड़ित महिलाओं को बुलवाकर नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव स्टेट बैंक लेकर गए और चारों पीड़ितों के वहां खाते खुलवा दिए। यादव के अनुसार एक महिला का पहले खोला खाता सही था, जबकि दो पीड़ित महिलाओं में से एक के पति और दूसरी महिला का नाम गलत पाए जाने पर कानूनगो को देकर कल तक उसे दुरुस्त कर पीड़ितों को पहुंचाने को कहा गया है।
आरोपी संतोष ने दी जमानत की अर्जी
शाहजहांपुर। जलालाबाद के बड़े हरेवा प्रकरण के आरोपी संतोष की ओर से उनके वकील ने मंगलवार को जमानत अर्जी जिला जज की कोर्ट में लगाई है। इस पर 15 जून को सुनवाई की तारीख नियत हुई है।
उधर, हरेवा प्रकरण में विवेचक और जलालाबाद थाना प्रभारी पर न्यायालय के आदेश की अवमानना के मामले में सुनवाई की तारीख 19 जून नियत की गई है। इस मामले में थाने से आख्या आ चुकी है।
सीबीआई जांच की मांग उठाई
शाहजहांपुर। महर्षि कश्यप समाज उत्थान समिति की बैठक शहर के मोहल्ला सिजईं स्थित कश्यप राजपूत धर्मशाला में हुई। इसमें हरेवा प्रकरण के संबंध में कश्यप निषाद संघर्ष मोर्चा का गठन किया गया। साथ ही हरेवा प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई। बैठक में अध्यक्ष रामदास कश्यप, आरएन कश्यप, शिवराम, अनिल कश्यप, अमित, ओमप्रकाश, राजेश, अंकित, अमित, बालकृष्ण, गंगादीन, रामऔतार, राजेश, रामसरन, महंगेलाल, कमलेश आदि मौजूद रहे।