नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के अपराध में एडीजे पृथ्वीपाल यादव ने सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव दिवाली निवासी दिनेश को 10 साल के कठोर कारावास और 45 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। आरोपी लालबहादुर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
इस संबंध में सिंधौली थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले व्यक्ति ने 15 अप्रैल, 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार आरोपी दिनेश ने वादी की नाबालिग पुत्री को चार अप्रैल, 2013 की शाम अगवा कर लिया। पुलिस ने कोर्ट में दिनेश और उसके पिता लाल बहादुर के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया। 23 अगस्त, 2013 को लड़की को कोरोकुइयां बस स्टाप से बरामद कर लिया गया। पीड़िता ने अपने बयान में अपहरण औरक दुष्कर्म की बात कही। साक्ष्यों का अवलोकन और एडीजीसी नत्थूलाल वर्मा की दलीलों से सहमत होकर जज ने दिनेश को अपहरण तथा पॉक्सो के अपराध का दोषी पाकर 10 साल कारावास और 45 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।