शहर के मोहल्ला लोधीपुर में सड़क किनारे बनी 80 वर्षीय बानो की झोपड़ी में रविवार शाम अचानक आग लग गई। आग की चपेट में आकर बानो का घर-गृहस्थी का सारा सामान जल गया। दुनिया में अकेली बानो ने अपने मरने के बाद दफन करने लिए पहले से ही कफन खरीद कर रख लिया था। वह भी आग में जल गया।
बानो ने बताया कि उनके पति शमीउल्ला की कई साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद से वह सड़क किनारे झोपड़ी डालकर रहने लगीं। मजार के पास भीख मांगकर वह अपना पेट पालती हैं। उनके कोई औलाद नहीं है। लिहाजा उन्होंने मरने के बाद दफनाने के लिए अपना कफन भी खरीद कर रख लिया था। बोलीं, वह नहीं चाहती थीं कि मरने के बाद लोगों को उनके कफन का इंतजाम करना पड़े। आग से बर्तन, कपड़े, चारपाई, अनाज और दो हजार की नकदी जलकर राख हो गई। पड़ोसी इरफान ने जैसे-तैसे आग बुझाई।