जेबीगंज और मैगलगंज रेलवे स्टेशन के बीच गोमती नदी के पास बदमाशों ने ओएचई लाइन का 100 मीटर तार चोरी कर लिया। यह एरिया आरपीएफ की रोजा चौकी की गश्त का था। तार चोरी रोकने को लगाए गए हूटर भी काम नहीं आ सके। साथ ही आरपीएफ गश्त भी प्रभावी नहीं हो सकी। इन सबको चुनौती देते हुए बदमाशों ने तार चोरी जैसी बड़ी घटना को अंजाम दे डाला।
सोमवार की रात ढाई बजे के करीब बदमाशों ने जंगबहादुरगंज और मैगलगंज रेलवे स्टेशन के बीच में ओएचई लाइन का करीब 100 मीटर तार चोरी कर लिया। खास बात यह रही इस लाइन में 440 वोल्ट का करंट छोड़ा जा रहा था। बदमाशों ने गोमती नदी के पुल के पास तार काटने की घटना को अंजाम दिया। विभाग के मुताबिक इसकी कीमत करीब 50 हजार रुपये आंकी जा रही है। आरपीएफ ने इस मामले की रिपोर्ट हरदोई जिले के पिहानी थाना में दर्ज कराई है।
ओएचई के तार छूने या काटने पर पास के रेलवे स्टेशन पर बने सब-स्टेशन पर हूटर बजने के साथ ही लाइट बंद हो जाती है। खास बात यह रही इसकी सूचना आरपीएफ को वहां से नहीं मिली। सीतापुर से शाहजहांपुर की ओर आ रही एक ट्रेन के चालक ने तार कटने की जानकारी दी। इसके बाद आरपीएफ मौके पर पहुंची। इससे पहले बदमाश फरार हो गए। इस संबंध में आरपीएफ इंस्पेक्टर एसपी सिंह का कहना है कि हूटर बजने की जानकारी समय से होती तो चोरी को रोका जा सकता था। सिंह ने सब-स्टेशन पर कार्यरत कर्मचारी से इस बाबत पूछताछ भी की, लेकिन कोई खास नतीजा नहीं निकल सका।
पूछताछ पर भड़क गया रेलकर्मी
आरपीएफ इंस्पेक्टर सिंह ने सब-स्टेशन पर कार्यरत ठेकेदार के कर्मचारी सुनील से पूछा कि उसने इसकी जानकारी समय से क्यों नहीं दी। इस पर सुनील ने शौच जाने की बात कही। इससे संतुष्ट न होने पर सिंह ने कड़ाई से पूछताछ की तो वहां मौजूद रेलकर्मी भड़क गया। इस पर इंस्पेक्टर ने समझाकर उसे शांत कर दिया।