नगर क्षेत्र के सप्लाई इंस्पेक्टर वेद प्रकाश अग्रवाल को प्रशासनिक बैठक में हार्टअटैक से आपूर्ति विभाग के अन्य कर्मचारी भी तनाव और सदमे में आ गए हैं। इसका असर बृहस्पतिवार को जिला आपूर्ति कार्यालय में अघोषित हड़ताल के तौर पर देखने को मिला। दोपहर तक तालाबंदी रहने के बाद दफ्तर खुलने पर भी वहां सन्नाटा पसरा रहा। इस बीच केजीएमसी लखनऊ से संबद्ध लारी हास्पिटल में इलाज से पूर्ति निरीक्षक अग्रवाल के स्वास्थ्य मेें मामूली सुधार के बाद उन्हें बृहस्पतिवार सुबह वहां से डिस्चार्ज कर दिया गया।
बता दें कि पूर्ति निरीक्षक अग्रवाल की हालत बुधवार की रात उस वक्त अचानक बिगड़ गई थी जब डीएम पुष्पा सिंह राशन वितरण व्यवस्था की समीक्षा कर रही थीं। जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराए जाने के बाद उन्हें देर रात लखनऊ हॉयर सेंटर रेफर कर दिया गया था। उनके इलाज की निगरानी के लिए डीएम के निर्देश पर जिला आपूर्ति अधिकारी विजय प्रभा भी लखनऊ गई थीं।
इस बीच, डीएसओ ने सारे घटनाक्रम से खाद्य विभाग के आयुक्त अजय चौहान को अवगत कराया और पूर्ति निरीक्षक के परिवार को सूचना देकर लखनऊ बुला लिया। लारी हास्पिटल के कॉर्डियक डिपार्टमेंट में पूर्ति निरीक्षक के हृदय की जांच के साथ स्तरीय इलाज मिलने से उनकी हालत में सुधार हुआ, लेकिन तेज बुखार बना रहा। बृहस्पतिवार को सुबह पूर्ति निरीक्षक को अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
डीएसओ ने बताया कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बावजूद पूर्ति निरीक्षक अग्रवाल को तेज बुखार बना रहा। इसलिए फूड कमिश्नर चौहान के निर्देश पर पूर्ति निरीक्षक को स्वास्थ्य लाभ के लिए अवकाश पर घर भेज दिया गया है। आपूर्ति कार्यालय में हड़ताल से इनकार करते हुए डीएसओ ने कहा कि जनता के भारी दबाव के कारण दफ्तर में कर्मचारियों का काम करना मुश्किल हो रहा है। इसलिए बहुत संभव है कि ऑफिस का माहौल ठीक न देख कर्मचारी अफसरों के साथ राशन कोटा दुकानों के वेरीफिकेशन को चले गए हों, लेकिन दोपहर बाद लखनऊ से यहां वापस लौटने पर उन्हें विभागीय इंस्पेक्टर कार्यालय में मौजूद मिले और शहर की दुकानों पर राशन वितरण भी सामान्य रूप से हुआ।