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पहचान न खुले इसलिए दरिंदे ने बच्ची को मार डाला

Tue, 26 Apr 2016 01:01 AM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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सेहरामऊ दक्षिणी में 12 साल की बच्ची से रेप करने के बाद उसकी हत्या करने वाला कोई परिचित ही है। माना जा रहा है बच्ची ने पहचान लिया होगा इसलिए दरिंदे ने रेप करने के बाद बच्ची की हत्या कर दी। घटनास्थल पर इस बात के साक्ष्य भी मिले हैं कि कोई सबूत मिटाने का प्रयास किया गया है। पुलिस ने करीब तीन घंटे की पड़ताल के बाद कई संदिग्धों को अपने रडार पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। ये सभी बच्ची के परिवार के परिचित हैं और गांव में इनका चाल चलन ठीक नहीं माना जाता है। इसके बाद सीओ सदर और एसओ ने गांव के सरकारी स्कूल की दीवार पर बड़े बड़े अक्षरों पर अपना मोबाइल नंबर लिखकर ग्रामीणों से अपील की है कि घटना के संबंध में कोई भी जानकारी इस नंबर पर दें। जानकारी देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। इसके अलावा रात के अंधेरे में महिला पुलिस से क्राइम सीन का मुआयना कराया गया। रात करीब 10 बजे शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा था। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर लाश और क्राइम सीन का हर कोण से फोटो लिया। बच्ची के कपड़े लैब भेजने के लिए सील कर लिए गए हैं। घटनास्थल से अन्य सैंपल भी भरे गए हैं। गांव के मानिंद लोगों से आरोपी का सुराग लगाने में मदद ली जा रही है। 
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करीब दो हजार लोगों की आबादी वाले इस गांव में 60 फीसदी परिवार किसान वर्ग के हैं। मृत बच्ची भी किसान परिवार की है। बच्ची के चार भाई और एक दुधमुंही बहन है। बच्ची काफी अंतर्मुखी थी और दस सवाल पूछो तो किसी एक जवाब दे देती थी। ऐसे में कुछ लोग उसे मानसिक मंदित भी कहते थे। घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोगों में अज्ञात आरोपी के प्रति काफी गुस्सा है। पुलिस अधिकारी गांव में डटे हुए हैं और संदिग्धों की गतिविधियों का लगातार ब्योरा ले रहे हैं। हालांकि अभी किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है। एसपी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि परिवार वालों और गांव वालों से पूछताछ में बच्ची के बारे में जो पता चला है, उसके मुताबिक वह कुछ स्लो माइंड, अंतर्मुखी और अपने में खोई रहने वाली बच्ची थी। कई सवाल पूछने पर एक का जवाब देती थी। मौका-ए- वारदात का बारीकी से मुआयना करने पर यह लग रहा है कि बच्ची उपले पाथ चुकी थी और घर लौटने को बढ़ी ही थी कि भूसे की ढेरी के पास बांसों के झुरमुट के किनारे आरोपी ने उसे दबोच लिया। रेप के दौरान आरोपी को यह लग गया कि बच्ची उसे पहचान रही है और घरवालों के सामने जाकर भेद खोल देगी। इसी डर के चलते उसने दुपट्टे से बच्ची की गला घोटकर हत्या कर दी। 

क्राइम सीन
घटनास्थल बांस के झाड़ के बीच छायादार, एकांत और पर्याप्त उठने-बैठने लायक स्थान वाला है। पास ही भूसे की ढेरी पर उपले पाथे जाते हैं। बच्ची के दोनों हाथों में गोबर सना हुआ था। कुछ ही दूरी पर उसकी गोबर वाली डलिया पड़ी हुई थी। सलवार एक पैर से पूरी तरह निकला हुआ था और दूसरे में घुटने के नीचे एड़ी पर फंसी हुई थी। कमर का हिस्सा खून से सना था। लाश का गला दुपट्टे से कसा हुआ था और उसका एक सिरा बांस के पतले तने से बांधा गया था। जीभ बाहर निकली हुई थी। लाश पहली नजर में किसी को न दिखे इसके लिए उस पर सूखे सरसों की डालियों की मोटी तह बिछा दी गई थी।
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