गांव बेला छेदा के रामलड़ैते दंपति हत्याकांड में नामजद तीन आरोपी घटना के एक वर्ष बाद भी जेल नहीं भेजे जा सके हैं। खास बात यह है कि न्यायालय से 15 अप्रैल को आरोपियों की कुर्की के आदेश हो चुके हैं, लेकिन पुलिस कुर्की न कर पीड़ितों से कह रही है कि जल्द ही आरोपी जेल चले जाएंगे। आरोप है कि नामजद पुलिस के संपर्क में हैं और इसी कारण जेल जाने से बचे हुए हैं।
गौरतलब है कि 28 अप्रैल 15 की रात गांव बेला छेदा निवासी रामलड़ैते और उनकी पत्नी प्रभा देवी की धारदार हथियार से ताबड़तोड़ प्रहार कर और गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रामलड़ैते के बडे़ भाई शिवशंकर ने खीरी जनपद के थाना मोहम्मदी के गांव अटसार के ओमप्रकाश, आदित्य कुमार, आनंदप्रकाश, अवनीश कुमार और गांव बेला छेदा के वीरेंद्र कुमार, रामबिहारी, सुआलाल के खिलाफ भाई और उसकी पत्नी की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोहरे हत्याकांड में नामजद आदित्य, ओमप्रकाश और रामबिहारी को पुलिस अभी तक जेल नहीं भेज सकी है।
आरोपियों को जेल भेजे जाने की मांग को लेकर मृत दंपति का परिवार चार बार जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर चुका है, लेकिन हर बार जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर उन्हें धरने से उठा दिया गया। मृतक रामलड़ैते के भाई शिवशंकर का आरोप है कि पुलिस फरार आरोपियों के संपर्क में हैं, इसी कारण आरोपी जेल नहीं जा रहे हैं। रविवार तक गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह लोग लखनऊ में धरने पर बैठेंगे। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि नामजद तीन आरोपयिों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें जेल भेज दिया जाएगा।