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पुलिस की एक तरफा कार्रवाई पर बंडा में छह घंटे चक्का जाम

Sun, 02 Oct 2016 11:08 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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पुलिस की एक तरफा कार्रवाई पर बंडा में छह घंटे चक्का जाम - फोटो : श्‍ााहजहांपुर उत्‍तर प्रदेश्‍ा
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 शनिवार को गांवसभा बंडा की समितियों के गठन के लिए बुलाई गई बैठक में विवाद और फायरिंग के मामले में एक तरफा रिपोर्ट दर्ज किए जाने और रात में ही नामजदों की गिरफ्तारी से लोगों में आक्रोश भड़क उठा। एसओ राजेश सिंह के खिलाफ रविवार सुबह पूरा बाजार बंद रहा। इसके बाद लोगों ने छह घंटे तक मुख्य चौराहे पर चक्का जाम रखा। दर्ज किए गए मुकदमे की विवेचना पांच दिन में पूरी कर रिपोर्ट निरस्त करने की बात पर जाम खोला गया। चक्का जाम में तमाम संगठनों के लोग शामिल रहे।
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बताते चलें कि शनिवार को नगर के सुनासीर नाथ इंटर कॉलेज में गांवसभा बंडा की समितियां गठन करने को लेकर नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र सिंह के नेतृत्व में बैठक बुलाई गई थी, जिसमें प्रधान साबरी बेगम के पति मोहम्मद इसहाक और गांवसभा सदस्य ओमवीर सिंह के बीच विवाद हो गया था। इस दौरान कुछ लोगों ने फायरिंग भी की थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को उस समय तो शांत कर दिया, लेकिन बाद में प्रधान पति मोहम्मद इसहाक की ओर से ओमवीर, कृपाल सिंह, बलराम सिंह, सतेंद्र सिंह के खिलाफ  जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कर ली, जबकि ओमवीर की ओर से प्रधान, प्रधान पति आदि के खिलाफ दी गई तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की। एसओ राजेश सिंह की इस कार्यशैली से लोगों में आक्रोश फैल गया था, लेकिन लोग शांत रहे।
आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने प्रधान पति की ओर से आरोपी बनाए गए ओमवीर सिंह, कृपाल सिंह, बलराम सिंह को रात में ही गिरफ्तार कर लिया। रविवार सुबह जब इस बात की जानकारी नगर के व्यापारियों सहित अन्य संगठनों को लगी तो लोग पुलिस के प्रति भड़क उठे और दुकानें खोलने से इंकार कर दिया। कुछ दुकानें खुलीं भी तो व्यापारी नेताओं ने नगर के मुख्य मार्गों पर घूमकर पूरा बाजार बंद करा दिया। 
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इसके बाद लगभग साढ़े दस बजे तमाम संगठनों के लोग एकत्र होकर मुख्य चौराहे पर पहुंचे और टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। समर्थन में भारतीय किसान यूनियन और हिंदू संगठन के लोग भी आंदोलन में शामिल हो गए। इस दौरान एसओ राजेश सिंह और पुलिस, प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। जानकारी पाकर एसओ फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन चक्का जाम कर रहे लोगों ने उनकी एक न सुनी। एसओ ने इसके बाद अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। दोपहर दो बजे एसडीएम जयपाल सिंह, सीओ अरूण कुमार, तहसीलदार विजय त्रिवेदी, नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर शाहजहांपुर से पुलिस फोर्स, पीएएसी और खुटार, पुवायां, सिंधौली की पुलिस को मौके पर बुला लिया। इससे तनाव और बढ़ गया।
एसडीएम, सीओ ने धरने पर बैठे लोगों से वार्ता की। लोगों ने पुलिस की एकतरफा कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए प्रधान पक्ष के खिलाफ  भी मुकदमा दर्ज कराने की मांग की, लेकिन अधिकारी इस पर सहमत नहीं हुए। करीब ढाई घंटे तक आंदोलनकारियों और एसडीएम, सीओ के बीच चली वार्ता के बाद यह तय हुआ कि पांच दिन में विवेचना पूरी कर मुकदमे को खत्म कर दिया जाएगा। इस बात पर आंदोलनकारी सहमत हो गए और उन्होंने साढ़े चार बजे जाम खोल दिया। 
धरना और चक्का जाम में व्यापारी नेता नीलू मिश्रा, हरप्रीत सिंह, शेर सिंह, भूषणवीर सिंह, राजकुमार रावत, शंकर सिंह, आरती यादव समेत भारी संख्या में व्यापारी और हिंदू संगठनों के लोग मौजूद रहे। 
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