दहेज में सोने की चैन और भैंस की मांग पूरी नहीं होने पर ससुरालियों ने एक मजदूर की बेटी को जिंदा जलाकर मार डाला। मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति, ससुर, ननद-ननदोई के विरुद्ध दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
थाना कांट क्षेत्र के गांव दतेरा निवासी रामसागर ने बताया कि उसने देहरादून में मजदूरी करके अपनी बेटी धनदेवी की शादी अब से करीब छह वर्ष पूर्व मिर्जापुर थाना क्षेत्र के गांव मुस्तफानगर निवासी सियाराम के पुत्र गोपाल के साथ की थी।
रामसागर ने बताया कि उसकी बेटी ने उसे फोन पर बताया था कि उसका पति गोपाल, ससुर सियाराम और मायके आई ननद संतोषी और उसका पति निवासी गांव गुरियापुर, थाना शमशाबाद,जिला फतेहगढ़ उससे सोने की चैन और भैंस मायके से लाकर देने का दबाव डाल रहे हैं। बेटी ने दहेज की मांग पूरी करने से मना किया,तभी मंगलवार की रात उक्त लोगों ने धनदेवी पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। इससे 25 वर्षीय धनदेवी की जलकर मौत हो गई। मृतका के एक दो वर्षीय बेटी ज्योति है।
बेटी की दहेज के लिए हत्या कर दिए जाने की सूचना उसे गांव मुस्तफानगर के ही एक ग्रामीण ने दी। जब वह मौके पर पहुंचा, तो उसकी बेटी का जला हुआ शव भूसे वाली कोठरी में पड़ा हुआ था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। आरोपी फरार हैं।