दहेज में बाइक और भैंस की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता के साथ न केवल मारपीट की गई बल्कि उसे चार दिनों तक बंधक बनाकर भूखा-प्यासा रखा गया। प्रधान की सूचना पर पहुंचे पिता ने ससुरालियों के चंगुल से बेटी को मुक्त कराया। मिर्जापुर पुलिस पीड़ित महिला और उसके पिता को चार दिनों तक टहलाती रही। परेशान बाप-बेटी ने सीओ से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
क्षेत्र के गांव खंडहर निवासी गेंदे ने अपनी बेटी सुनीता की शादी चार साल पहले थाना मिर्जापुर के गांव कांकर में की थी। शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल वाले दहेज में भैंस और बाइक मांग को लेकर सुनीता को परेशान करने लगे। इस मामले को पंचायत में निपटा दिया गया। लेकिन कुछ दिन बाद फिर बेटी के साथ मारपीट की गई।
कुछ दिन पूर्व ससुराल वालों ने मांग पूरी न होने पर सुनीता को मारपीट कर कमरे में बंद कर दिया। गांव के प्रधान ने सुनीता के पिता को सूचना भिजवाई। इस पर गांव पहुंचे गेंदे ने अपनी बेटी को गांव वालों के सहयोग से ससुराल के चंगुल से आजाद कराया और पुलिस के पास गए। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़िता की बात सुनकर सीओ आदेश कुमार त्यागी ने घटना की जांचकर कार्रवाई करने के निर्देश मिर्जापुर पुलिस को दिए हैं।