बृहस्पतिवार को रेलवे इंटर कालेज में अवैध फीस वसूली को लेकर छात्रों के हुए प्रदर्शन के बाद प्रबंधन बैकफुट पर आ गया। उसने प्रशासनिक अधिकारियों से कालेज में शरारती तत्वों द्वारा तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए सुरक्षा की मांग की है, जबकि छात्रों ने डीएम सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र में प्रबंधन और अध्यापकों पर उत्पीड़न एवं शोषण के कई आरोप लगाते हुए जांच किसी मजिस्ट्रेट से कराने की मांग दोहराई है।
बता दें कि रोजा रेलवे इंटर कालेज में छात्रों से फीस के नाम पर प्रबंधक और प्रधानाचार्य द्वारा धन उगाही की जा रही थी। इसके विरोध में छात्र नेता शशांक प्रताप की अगुवाई में छात्रों ने बृहस्पतिवार को कालेज में जमकर हंगामा काटा था, जिन्हें शांत करने के लिए रोजा पुलिस को दखल देना पड़ा तथा घटनाक्रम से प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया था।
शुक्रवार को कालेज के प्रबंधक मुकेश सक्सेना, कार्यवाहक प्रधानाचार्य जेपी सिंह सहित कई अध्यापकों ने एसपी, एडीएम और प्रभारी निरीक्षक रोजा से भेंट कर शिकायत की कि बृहस्पतिवार को कुछ शरारती तत्वों ने कालेज परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की है, जिससे शिक्षकों में भय का माहौल है। कालेज परिसर में सुरक्षा लगाने की मांग की गई।
उधर, छात्रों ने प्रशासनिक अधिकारियों को दिए पत्र में आरोप लगाया है कि अधिक फीस वसूली को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को शिक्षक और प्रबंधक धमका रहे हैं, विरोध बंद नहीं किया तो उनका कैरियर और एसआर खराब कर देंगे। इतना ही नही कई अध्यापक तो शासनादेश के विपरीत कोचिंग पढ़ा रहे हैं, कोचिंग न पढ़ने वाले छात्रों को फेल करने की धमकी जाती है।
कालेज में कोई अवैध वसूली की बात मेरे संज्ञान में नहीं है। कालेज में तोड़फोड़ की घटना के पीछे शरारती तत्व और उपद्रवी छात्रों का हाथ है। प्रशासन को कालेज में सुरक्षा बढ़ाने के लिए पत्र दिया है। किसी को नामजद नहीं किया गया। - जेपी सिंह, कार्यवाहक, प्रधानाचार्य
कालेज में अराजकता का माहौल है। अधिक फीस वसूली के अलावा मिड-डे मील से लेकर तमाम कार्यों के लिये अधिक फीस वसूली जाती है। बच्चों को प्रदर्शन के बाद शिक्षकों द्वारा टार्चर किया जा रहा है। इसके लिए कालेज का प्रबंधन और शिक्षक जिम्मेदार हैं। - शशांक प्रताप सिंह, छात्र नेता
रेलवे इंटर कालेज में अधिक फीस वसूली को लेकर छात्रों के प्रदर्शन का मामला मेरे संज्ञान में है। अभी मैं बाहर हूं। एक दो दिन में इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - कमलाकर पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक