क्षेत्र के खजुरी गांव में दस दिन पहले हुई 14 वर्षीय पार्वती की हत्या का राज खुल गया है। बकौल पुलिस, पार्वती की हत्या उसके पिता विक्रम सिंह ने ही की थी। बाद में पार्वती के गायब होने की अफवाह गांव में फैला दी। रात के अंधेरे में शव गांव के बाहर खेत में फेंक दिया। विक्रम ने हत्या का आरोप पार्वती के प्रेमी गांव श्रीनगर निवासी अजय पर लगाया था। हत्या में विक्रम का सहयोग उसके बेटे सुमित ने भी किया था।
विक्रम सिंह की बेटी श्रीनगर गांव के सरताज इंटर कॉलेज में कक्षा सात की छात्रा थी। उसके कॉलेज में पढ़ने वाले श्रीनगर गांव के अजय से प्रेम संबंध थे। अजय उसी कॉलेज में कक्षा 12 का छात्र था। अजय और पार्वती के बीच काफी समय से प्रेम संबंध चल रहे थे। जब विक्रम सिंह को इस बात की जानकारी हुई तो उसने पार्वती पर पाबंदी लगा दी थी, लेकिन इसके बाद भी पार्वती ने अजय से मिलना बंद नहीं किया था। यह बात विक्रम सिंह को नागवार गुजरी। विक्रम ने पुलिस पूछताछ में बताया कि बेटी की वजह से उसकी काफी बदनामी हो रही थी।
पुलिस ने विक्रम के हवाले से बताया कि 15 अप्रैल की रात उसने पार्वती को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थी। गुस्से में आकर उसने आरती के सीने पर लोटे से बार कर दिया, जिससे पार्वती के मुंह से खून निकलने लगा और वह बेहोश हो गई। इसके बाद उसने पार्वती की गला दबाकर हत्या कर दी। शव को घर में छुपाकर गांव में खबर फैला दी कि पार्वती गायब हो गई है। इसके बाद रात में शव को सत्यपाल के खेत में फेंक दिया। इसके बाद अजय को फंसाने के लिए उसके घर तलाश करने पहुंच गए। विक्रम ने पार्वती की हत्या कारके अजय को फांसने की साजिश रची थी, इसीलिए उसने रिपोर्ट में लिखाया था कि पार्वती अपने साथ जेवर ले गई। मामला तो शुरू से ही संदिग्ध लग रहा था। पुलिस ने ग्रामीणों के बयान टेप किए। जिसमें पार्वती की हत्या में विक्रम का हाथ होने की बात सामने आ गई। ग्रामीणों के लिए गए बयान जब पुलिस ने विक्रम को सुनाए तो वह टूट गया और उसने पूरी कहानी सुना डाली। विक्रम ने बताया कि पार्वती की हत्या उसने की, लेकिन शव को ठिकाने लगाने के लिए बेटे सुमित का सहयोग लिया। पुलिस ने मुकदमें में शव को छुपाने की धारा बढ़ा दी है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।