प्रेम संबंधों के चलते जिले के एक गांव निवासी युवक ने अपनी सगी भांजी के साथ आगरा के थाना रकाबगंज के ईदगाह रोड स्थित एक होटल में फांसी लगाकर जान दे दी। सुसाइड नोट के मुताबिक दोनों जान देने से पहले शादी रचा चुके थे। सुसाइड नोट में एक साथ दफनाने की अंतिम इच्छा भी जताई गई है। लिखा है.. अगले जनम में एक-दूसरे के हो जाएं। युवती खीरी के थाना हैदराबाद के एक गांव की रहने वाली थी। दोनों के शव शनिवार को बरामद कर पोस्टमार्टम को भेजे गए हैं। सूचना पाकर दोनों के घरवाले आगरा के लिए रवाना हो गए।
बताते हैं कि युवक के बड़े भाई की पुत्री का एक सप्ताह पूर्व मुंडन संस्कार था। उनकी भांजी भी मुंडन संस्कार में शामिल होने आई थी। 19 फरवरी को युवक का छोटा भाई, भांजी को घर छोड़ने की बात कहकर उसे बाइक से साथ ले गया था। 20 फरवरी को युवती के पिता ने बड़े साले के घर फोनकर बेटी को भेजने को कहा, तब दोनों के लापता होने की बात पता चली। परिवार के लोग गुपचुप तरीके से दोनों की तलाश कर रहे थे।
शनिवार को आगरा के रकाबगंज थाने से युवक के घर फोन आया। बताया गया कि एक युवक और युवती ने होटल की दूसरी मंजिल पर पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली है। इससे दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। रकाबगंज पुलिस के अनुसार प्रेमी युगल 19 फरवरी की शाम होटल में पहुंचे थे। शनिवार को सुबह देर तक दोनों के कमरे से बाहर नहीं निकलने पर होटल स्टाफ ने आवाज दी। कोई जवाब न मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर होटल का दरवाजा तोड़ा, तो दोनों सीलिंग फैन के सहारे फंदे पर लटके मिले। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें दोनों ने अपने प्रेम संबंध स्वीकार किए हैं। साथ ही शादी नहीं हो पाने के चलते खुद ही सुसाइड करने की बात कही है। इसके लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराने का जिक्र भी सुसाइड नोट में है। सुसाइड नोट पर 9:33 बजे का समय लिखा है। दोनों के शव पोस्टमार्टम को भेजे गए हैं।
यह है सुसाइड नोट
‘हम दोनों अब रिश्ते में बंध गए हैं, मांग भी भर ली है। ये हमारे प्यार की निशानी है, जो हमने ताजमहल के साथ फोटो खिंचवाई थी। आप लोगों ने हमें जो जिंदगी जीने का मौका दिया, शायद हमारी किस्मत में नहीं था, क्योंकि ये मानते हैं कि हम लोगों के बारे में कोई नहीं जानता, फिर भी...का कहना है कि हम अपना मुंह किसी को नहीं दिखा सकते। जब उसका यही फैसला है तो हम भी उसी के साथ हैं। उन्होंने ये भी लिखा कि हमें कोई माफ करे न करे हमने जो जिंदगी में गलत किया, उसका कर्ज हम अपनी जान दे कर चुका रहे हैं। लाश मिलने के बाद अगर हो सके तो एक साथ दफना देना, ताकि अगले जनम में एक-दूसरे के हो जाएं। हमारी कब्र एक साथ बनवा देना।’