खुटार क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2009 में हुए दुराचार के मामले मेें द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पांडेय ने बुधवार को दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर पैंतालिस-पैंतालिस हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। जुर्माने की धनराशि में से तीन चौथाई भाग पीड़ित को क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार नौ मई 2009 को खुटार थाने में पीड़ित की ओर सेे दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया कि सात मई 2009 को उसके माता-पिता रिश्तेदारी में शादी में गए थे। रात आठ बजे उसका भाई भी कहीं गया था। तभी उसके घर में मोहनपुर गांव के रामू और देवकुमार घुस आए। दोनों उसे खाली पड़े बग्गर में खींच ले गए। रामू ने उससे दुराचार किया और दूसरा साथी निगरानी करता रहा। शोर मचाने पर उसका भाई मौके पर आ गया, तब दोनों उसे छोड़कर भाग गए। पुलिस ने घर में घुसकर दुराचार करने व एससीएसटी के तहत मामला दर्ज कर मामले की जांच कर आरोप पत्र न्यायालय भेज दिए। पीड़ित पक्ष की ओर से एडीजीसी क्राइम सुनील कुमार सिंह ने गवाहों के बयान कराए और आरोपी के अपराध संबंधी अपने तर्क प्रस्तुत किए। पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों का अवलोकन करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी रामू और देवकुमार को दोषी पाते हुए उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई और पीड़ित को क्षतिपूर्ति के रूप में धनराशि दिलाने का आदेश दिया है।