पुवायां पुलिस ने हत्या के मुकद्दमे में नामजद प्रमुख आरोपी को सोमवार रात थाने से छोड़ दिया। जबकि दो अन्य नामजद आरोपी गिरफ्तार करके मंगलवार को जेल भेज दिए गए।
गांव धारा निवासी 42 वर्षीय रामऔतार की 19 मार्च की रात लाठी से पीटकर हत्या कर दी गई थी। रामऔतार की पत्नी जयमोरा ने गांव के ही गुड्डू शर्मा उसके पुत्र गौरव शर्मा, रामनिवास और एक किशोर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मृतक का भाई सुभाष इस मामले का चश्मदीद है। इस मुकदमे की विवेचना कर रहे सीओ उमेश शर्मा का कहना है कि गुड्डू के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उसे छोड़ना पड़ा। उधर, मृतक की पत्नी जयमोरा का आरोप है कि पुलिस सांठगांठ के चलते गुड्डू को बचाने की कोशिश कर रही है। वह इस मामले की शिकायत एसपी से करेगी। 19 मार्च घटना की रात पुलिस ने गुड्डू शर्मा को गांव के तमाम लोगों के सामने हिरासत में लिया था। मगर सोमवार रात गुड्डू को थाने से ही छोड़ दिया गया। उधर, आरोपी रामनिवास और एक किशोर को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया।
पुलिस को मानवाधिकारों की परवाह नहीं
पुवायां। किसी मामले में नाबालिग की गिरफ्तारी को लेकर मानवाधिकार आयोग ने तमाम नियम बना रखे हैं। मगर पुवायां पुलिस इसकी कोई परवाह नहीं करती है। गांव धारा के रामऔतार की हत्या में नामजद एक 15 वर्षीय किशोर को सोमवार को गिरफ्तार करके पूरी रात हवालात में रखा गया। अगले दिन मंगलवार को उसका चालान किया गया।
गुड्डू के खिलाफ अभी तक कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। वह दोषी होगा तो जेल भेजा जाएगा। नाबालिग को हवालात में बंद करने के मामले में मंगलवार सुबह आयु प्रमाणपत्र मिल सका तब उसके नाबालिग होने की पुष्टि हो सकी। यदि नाबालिग को हवालात में रखा गया है तो मैं खुद इसकी जांच करूंगा।
उमेश शर्मा, सीओ पुवायां