साथी के खिलाफ यहां कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज होने से गुस्साए वकीलों ने आठ अगस्त को सीओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। आरोप है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। वकील ने भी तहरीर दी थी लेकिन उसकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। एसडीएम अजय तिवारी और सीओ एमएस रावत को दिए गए ज्ञापन में सिविल बार एसोसिएशन से जुड़े वकीलों ने कहा है कि साथी अमित दीक्षित पर आठ अगस्त को कोर्ट परिसर में उनके गांव के ही लोगों ने हमला किया गया था। इसके बाद जब अमित घर जा रहे थे तो हमलावरों ने फिर उन्हें घेरा और जान से मारने की कोशिश की। अमित ने बंडा और पुवायां कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उल्टे पुवायां पुलिस ने हमलावरों की ओर से अमित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। वकीलों ने सीओ पुवायां को मामले से अवगत कराते हुए अमित की रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग भी की, लेकिन अब तक उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ आठ अगस्त को सिविल बार संघ के आह्वान पर वकील सीओ कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन पर कृष्णानंद सिंह राठौर, ओमपाल सिंह यादव सहित कई वकीलों के हस्ताक्षर हैं।