पीलीभीत के थाना बिलसंडा निवासी दिलबाग सिंह ने पुलिस को बताया कि वह अपनी पुत्री सुमनजीत कौर का दाखिला एमबीबीएस में कराना चाहता था। पुवायंा के निगोही रोड निवासी मोहम्मद रफी और उसका भाई मोहम्मद नबी, मोहम्मद रफी का पुत्र दफेदार और रफी के साले ने उससे कहा कि उनका लखनऊ में जुगाड़ है और वह सुमनजीत कौर का एडमीशन केजीएमसी लखनऊ में करा देंगे। इसमें लगभग 30 लाख रुपए का खर्च आएगा। पुत्री के भविष्य को देखते हुए वह रुपये देने को तैयार हो गया। वर्ष 2013 में उसने उक्त को तीन लाख रुपये दे दिए। इसके बाद धीरे धीरे उसने उक्त को 28 लाख रुपये की रकम दे दी। उसने रुपये देने के बाद पुत्री का एडमीशन कराने को कहा तो आरोपी टालमटोल करने लगे। बाद में उससे कह दिया गया कि समय निकल जाने के कारण एडमीशन नहीं हो सकेगा। उसने दी गई रकम वापस मांगी तो उक्त काफी समय तक रुपये वापस करने का झांसा देते रहे। बाद में आरोपियों ने उससे गाली गलौज करते हुए रुपये वापस करने से इंकार कर दिया। परेशान होकर उसने पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ धारा 406, 420 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।