एक ओर सरकारी तंत्र भू-जल के गिरते स्तर को रोकने के लिए तालाब खुदवाने के साथ बड़ी बिल्डिंग में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाने जैसे प्रयास कर रहा है, वहीं शहर के मोहल्ला हुसैनपुरा में कुछ डेयरी वाले वहां बने नगरपालिका परिषद के दशकों पुराने कुआं और उसी के पास बनी बावड़ी को पाटकर उसका कब्जा जमाने की फिराक में हैं। इस बाबत क्षेत्र के लोग कलक्ट्रेट जाकर अधिकारियों से मिले और कुआं पाटने वालों पर कार्रवाई की गुहार की।
हुसैनपुरा केरहने वाले सुशील कुमार, रामकृष्ण, संजय कुमार आदि ने सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह और एडीएम वित्त एवं राजस्व पीके श्रीवास्तव को बताया कि कई दशक पुराना कुआं मोहल्ले में अर्जुन पहलवान केघर केपास बना है। पशु-पक्षियों की प्यास मिटाने केलिए कुएं के पास बावड़ी भी बनाई गई है। उधर, कुछ सालों से इंडिया मार्क हैंडपंप लगने से कुएं केपानी का इस्तेमाल कम हुआ तो उस पर कब्जा करने की कोशिश शुरू कर दी गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि डेयरी का धंधा करने वाले कुछ लोग कुएं और बावड़ी को गोबर और कूड़ा-कचरा डालकर पाटने में जुटे हुए हैं। इससे आसपास काफी सड़ांध पैदा होने वहां रहने वालों का सांस लेना दूभर हो रहा है। इससे स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां उड़ रही हैं, कुएं में बन रही गोबर गैस के विस्फोट का खतरा मंडरा रहा है। विरोध करने पर कुआं पाटने वाले झगड़ा करने पर आमादा हो जाते हैं।