बुधवार को मौसा के घर ईद मिलने गए लाल मोहम्मद और उसके चाचा नहाते समय नदी में डूब गए थे। लाल मोहम्मद का शव दूसरे दिन बरामद हो गया था। बृहस्पतिवार देर शाम को जब्बार अहमद का शव भी मिल गया। इससे परिवार में कोहराम मच गया। शुक्रवार को जब्बार अहमद का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पुवायां के ग्राम बड़ागांव निवासी बली मोहम्मद का 18 वर्षीय पुत्र लाल मोहम्मद, अपने चाचा 19 वर्षीय जब्बार मोहम्मद और गांव के ही गफ्फार, राजू, मोहम्मद फुरकान आदि के साथ मुंबई में काम करता था। ईद पर तीन जुलाई को सभी दोस्त मुंबई से घर आए थे। 11 जुलाई को लाल मोहम्मद अपने चाचा जब्बार और अन्य दोस्तों के साथ अपने मौसा बरेली के कस्बा फरीदपुर के गांव भगवंतापुर निवासी इसरार खां के घर ईद मिलने गया था।
12 जुलाई को पांचों लोग कस्बे के पास बहगुल नदी के ढकनी वाले पुल के पास नहाते समय सभी नदी के तेज बहाव में बहने लगे। लोगों ने गफ्फार, राजू, मोहम्मद फुरकान को बचा लिया, लेकिन लाल मोहम्मद और उसका चाचा जब्बार मोहम्मद नदी में बह गए। 13 जुलाई को लाल मोहम्मद का शव बरामद हो गया था। 14 जुलाई को जब्बार का शव भी नदी से बरामद हो गया। इससे जब्बार की तलाश में लगे परिवार के लोग फफक कर रो उठे। शव घर पहुंचा तो घर पर भी कोहराम मच गया। शुक्रवार को जब्बार का भी अंतिम संस्कार कर दिया गया।