खुटार और पुवायां क्षेत्र के गांवों में हुई डकैती की छह घटनाओं में शामिल बदमाश पीलीभीत के न्यूरिया थाने की पुलिस ने धर दबोचे हैं। अंतर्जनपदीय डकैतों का यह गिरोह लूटा गया जेवर नेपाल में ले जाकर खपाता था। चार पहिया वाहन से आकर वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश अपने घरों को खिसक जाते थे।
पीलीभीत के थाना न्यूरिया की पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर जायलो गाड़ी में सवार बदमाशों को धर दबोचा। तलाशी में बदमाशों के पास कई तमंचे आदि बरामद हुए। पूछताछ में बदमाशों ने पुवायां और खुटार में कई डकैतियों में हाथ होना कबूला। खुटार एसओ इफ्तेखार अहमद और पुवायां के एसएसआई रजी अहमद ने जानकारी पाकर न्यूरिया पहुंचकर बदमाशों से पूछताछ की।
डकैत गिरोह के सरगना खीरी के थाना भीरा के गांव हासिमगंज निवासी लखपत उर्फ खोपड़ा ने बताया कि आठ सितंबर 15 को उसने गोला थाने के गांव सोठन निवासी शिवकुमार, राजकुमार, नफीस, हैदराबाद के गांव खरगापुर निवासी सुनील, पीलीभीत के थाना जहानाबाद के गांव हरचइया निवासी शाहिद उर्फ मामा गोला थाने के गांव बहेरा निवासी अंकित वर्मा के साथ मिलकर खुटार के गांव सहारू में सत्यपाल, इसी गांव के गंगाराम, गांव कढ़ईया के जगतराम और भगवानदीन के घर लोगों को बंधक बनाकर डकैती की घटना को अंजाम दिया था।
इसके अलावा गिरोह के लोगों ने 10 फरवरी 16 को पुवायां के गांव जुझारपुर में राजकिशोर त्रिवेदी और गांव मिलकिया के रामनरेश अवस्थी के घर डकैती डाली थी। डकैती के बाद वह लोग वाहन से मैलानी, भीरा होते हुए गोला भाग गए थे।
नेपाल में बेचते थे लूटा हुआ जेवर
पुवायां। गिरोह के लोग लूटा हुआ जेवर नेपाल जाकर बेचते थे। कुछ जेवर गोला के एक सराफ को भी बेचा गया है। जेवर बेचने का काम नफीस उर्फ गंठा के जिम्मे था। नेपाल में जेवर बेचने से पकड़े जाने का खतरा कम रहता था। लूट की घटना के बाद नगदी में अपना हिस्सा लेकर गिरोह के लोग अपने घरों को चले जाते थे और बेहद जरूरी होने पर ही एक दूसरे से संपर्क करते थे। गिरोह के लोग डकैती के दौरान मोबाइल भी लूट लेते थे, जिससे पीड़ित पुलिस को सूचना न दे सके, लेकिन कुछ दूर चलने के बाद मोबाइल को तोड़कर फेंक देते थे। गिरोह के लोग जानते थे कि मोबाइल रखने से सर्विलांस के माध्यम से पुलिस उन्हें पकड़ सकती है।
फरीदपुर में पकड़े गए बदमाशों ने कबूली पुवायां में चोरियां
पुवायां। दूसरे थानों की पुलिस ने बदमाशों को पकड़कर पुवायां पुलिस को काफी सुकून पहुंचाया है। न्यूरिया में पकड़े गए बदमाशों ने डकैती की घटनाएं कबूली हैं तो बरेली के फरीदपुर में पकड़े गए चोरों के गैंग ने पुवायां में तीन स्थानों पर चोरी की घटनाओं को अंजाम देना कबूल किया है।
फरीदपुर के एसओ सज्जाद हुसैन की टीम ने छह अगस्त को अंतर्जनपदीय चोर गिरोह के सात सदस्यों को धर दबोचा। चोरों की निशानदेही पर गिरोह में शामिल चार अन्य चोर और चोरी का जेवर खरीदने वाले सराफ को धर दबोचा गया। गिरोह में शामिल बरेली के थाना सुभाषनगर के गांव रोधी मिलक निवासी जावेद, शमसुल, हनीफ, फतेहगंज पूर्वी के गांव नगरिया कलां के सद्दाम, कंधईलाल, जैतीपुर के गांव खेड़ा बझेड़ा निवासी सरमीन खां, फर्रूखाबाद के थाना शमसाबाद के गांव चितार के निसार अहमद, दिलशाद, आजाद, कलान के रामसेवक, मिर्जापुर थाने के गांव डींगरपुर के कैलाश ने बताया कि आठ जुलाई को पुवायां के गांव बद्रीपुर हदीरा में हितेश के घर, 26 जुलाई को गांव नाहिल में अजय मिश्रा के घर और 23 जून को गांव संजयनगर में पांच दुकानों में चोरी की घटना को उनके ही गिरोह ने अंजाम दिया था। पुवायां पुलिस ने फरीदपुर जाकर गिरोह के लोगों से पूछताछ की है, जिसमें चोरों ने घटना में हाथ होना कबूल किया है।