पांच दिन पहले नेवाजपुर गांव में हुई विशाल सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने नामजद मां-बेटी और मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया है। तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है।
बता दें कि बीते आठ जुलाई की रात करीब साढ़े नौ बजे रोजा क्षेत्र की हांडा कालोनी निवासी विशाल सिंह की हत्या नेवाजपुर में गांव के महेश सिंह ने कर दी थी। इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए मृतक की मां कुलदीप कौर ने छह लोगों को नामजद किया था। हत्या के मूल में बताया गया था कि डेढ़ लाख रुपये की उधारी मांगने और मुख्य आरोपी की बेटी से प्रेम संबंध होने के कारण विशाल सिंह की हत्या की गई है।
घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहे थे, जिनकी धरपकड़ के लिए रोजा पुलिस प्रयासरत थी। मंगलवार देर रात पुलिस ने मुख्य आरोपी महेश सिंह को हिरासत में लिया था और उसकी सूचना पर आरोपी बिटाना देवी और आरती सिंह को बुधवार की सुबह धर दबोचा गया। सभी आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर हत्या में शामिल लोगों के बारे में तस्दीक कर रही है।
इस मामले में प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र देव पाठक ने बताया कि कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे आला कत्ल बरामद करने की प्रक्रिया चल रही है। बृहस्पतिवार को आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जायेगा।
महेश बोला, बेटी पर बुरी नजर रखता था विशाल
विशाल सिंह की हत्या के मामले में पकड़े गये मुख्य आरोपी महेश सिंह ने पुलिस को बताया कि विशाल सिंह उसकी बेटी पर बुरी नजर रखता था। करीब तीन माह पहले विशाल ने बेटी आरती सिंह को जलाकर मारने का प्रयास किया था। शिकायत के बाद भी पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की थी। घटना वाले दिन भी विशाल उसकी हत्या करने के इरादे से नेवाजपुर स्थित घर तमंचे के साथ आया था। छीना छपटी में उसी के तमंचे से विशाल सिंह की हत्या की गई। नामजद कराए गए अन्य किसी आरोपी की कोई भूमिका नहीं है।
आरोपियों ने कई बार फोन पर संपर्क साधा था
विशाल सिंह की हत्या के मुख्य आरोपी महेश सिंह के बयान पर पुलिस इस्तेफ ाक नहीं रखती। उसका मानना है कि विशाल सिंह की हत्या एक प्लानिंग के तहत की गई है, जिसके साइंटिफिक एवीडेंस पुलिस ने काल डिटेल रिकार्ड के जरिए खंगाल लिए हैं। रविवार रात आठ बजे से लेकर साढ़े नौ बजे की बीच आरोपी महेश सिंह, विटाना सिंह, आरती सिंह ने विशाल सिंह से कई बार मोबाइल से बात की, जिससे साफ है कि महेश सिंह के घर विशाल सिंह आना नहीं चाहता था। जब आरती सिंह ने फोन से बुलाया, तभी वह पहुंचा था। यह तथ्य विवेचना का है कि रिपोर्ट में मृतक की मां कुलदीप कौर ने शिवम सिंह द्वारा पैसे लेने के लिये फोन करने का जिक्र किया है।
वकील की शरण में जाने से पुलिस को मिली कामयाबी
विशाल सिंह हत्याकांड में जिस नाटकीय ढंग से आरोपियों की गिरफ्तारी हुई उस पर अब क्षेत्र में तरह-तरह चर्चाओं को बल मिल रहा है। पुलिस ने अपने हुनर से नहीं, बल्कि एक वकील और आरोपियों के सजातीय एक नेताजी की शरण में जाकर यह कामयाबी हासिल की है। इस पूरे मामले में नामजदगी के अलावा कुछ अन्य के हत्या में शामिल होने को लेकर भी तरह-तरह के सवाल उठ रहे हं,ै जिसके बारे में पुलिस गहराई में विवेचना कर रही है ताकि दोषियों को सख्त सजा मिल सके।