तिलहर थाना क्षेत्र के गांव कुआंडांडा में एक घर के छप्पर में आग लग गई। इसमें आठ माह का एक बालक गंभीर रूप से झुलस गया। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां गंभीर हालत देखकर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल भेज दिया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
कुआंडाडा के रहने वाले रामलड़ैते के दो बेटे हैं। एक बेटा छोटू, जो चार वर्ष का है। दूसरा बेटा अजीत आठ माह का था। उनका एक मंजिला मकान बना हुआ है, लेकिन लिंटर की जगह ऊपरी मंजिल पर छप्पर पड़ा है। शुक्रवार को सुबह के वक्त रामलड़ैते की पत्नी नीलम छप्पर में रखे चूल्हे पर खाना बना रही थीं। इसी दौरान वह नीचे पानी लेने चली गई। अपने छोटे बेटे अजीत को चारपाई पर लिटा गईं। तभी अचानक छप्पर में आग लग गई। शोर-शराबा सुनकर जब तक लोग आग बुझाने पहुंचे तब तक आग ने घर की ऊपरी मंजिल को चपेट में ले लिया। किसी तरह बच्चे को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस गया था। उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
दुर्भाग्य नहीं छोड़ रहा रामलड़ैते का पीछा
शाहजहांपुर। इसे रामलड़ैते और नीलम का दुर्भाग्य ही कहेंगे कि दो वर्षों में उनके दो बेटों की मौत हो गई। नीलम रो-रोकर यही कह रही थी कि दुर्भाग्य क्यों उसका पीछा नहीं छोड़ रहा। रामलड़ैते के सबसे बड़े बेटे अनमोल को दो वर्ष पहले सांप ने काट लिया था। काफी इलाज भी कराया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। अब उनके छोटे बेटे अजीत की आग में जलकर मौत हो गई है। रामलड़ैते का अब एक ही बेटा चार वर्षीय छोटू बचा है।