वाराणसी से बरेली जेल शिफ्ट किए जाने के दौरान शुक्रवार को पौ फटने से पहले रोजा से विचाराधीन बंदी रईस सिद्दीकी के फरार होने के बारे में अभिरक्षा में लगे पुलिस वालों को यही तय करने में घंटों लग गए कि वह कब और कहां से भाग निकला। इन पुलिसकर्मियों के चेहरे की रंगत उड़ी हुई थी। पहले इन्होंने घटना का समय तड़के करीब ढाई बजे बताया, लेकिन दोपहर एक बजे रईस के खिलाफ इनकी ओर से केस दर्ज हुआ तो घटना का समय भोर के चार बजे लिखाया गया। स्थान रोजा ओवरब्रिज लिखाया गया, लेकिन यहां से पहले ही वह कहां और कब खिसका, इसकी सटीक जानकारी देने में अभिरक्षा टीम के सदस्यों की जुबान लड़खड़ा रही थी।
रोजा थाना के बैरक में बैठे अभिरक्षा टीम के सदस्यों में प्रोन्नत होकर हेड कांस्टेबल से दारोगा बने आद्या प्रसाद राज और ड्राइवर सुधाकर तिवारी के अलावा हाल में भर्ती हुए सिपाही प्रहलाद प्रजापति, प्रभाकर सिंह, प्रदीप मौर्या और राजकुमार आपस में एक-दूसरे पर आरोप मढ़ने में लगे हुए थे। ड्राइवर का कहना था कि मुजरिम के फरारी में सभी की लापरवाही है, जबकि वाराणसी में पुलिस अधिकारियों को मोबाइल पर दारोगा आद्या प्रसाद बार-बार ड्राइवर के बारे में ही बताए जा रहे थे। अन्य चारों सिपाही फुसफुसाते हुए कह रहे थे कि रात को खाना खाने के बाद झपकी लग गई और उसी दौरान न जाने वैन कहां और कब खड़ी हुई या धीमी गति में, रईस गायब हो गया। दारोगा आद्या अपने नसीब को कोस रहे थे कि नाहक ही साथ चल रहे नए सिपाहियों पर भरोसा कर निश्चिंतता से ड्राइवर वाली केबिन में बैठे रहे। सूत्रों के अनुसार, देखने में मरियल सी काया वाले रईस की ऐसी कारस्तानी का अंदेशा वैन में उसके साथ बैठे चारों सिपाहियों को नहीं था। इसी क्रम में रात को प्रिजन वैन के पिछले हिस्से का गेट इन्होंने लॉक ही नहीं किया था और उसी का फायदा उठाते हुए सिपाहियों को नींद के आगोश में देखकर रईस ने जाली में बने छेद से हाथ बाहर निकालकर गेट की कुंडी खोली और भाग लिया। टीम के सदस्यों ने उसकी तलाश रोजा के अलावा हरदोई वाले रोड पर भी काफी देर तक की और पौ फटने के बाद रोजा थाने को सूचना दी। दर्ज केस में फरारी की कहानी कुछ भी लिखाई गई हो, लेकिन तफ्तीश में उससे इतर के उक्त तथ्यों पर भी गंभीरता से विवेचना जारी है।
रोजा थाना प्रभारी रामनरेश चौधरी के अनुसार, आईपीसी की धारा 224 के तहत फरार मुजरिम के खिलाफ दर्ज केस में अभिरक्षा टीम के वाराणसी से सीतापुर होते हुए रोजा पहुंचने का उल्लेख है। शाहजहांपुर पुलिस की ओर से डीजी मुख्यालय को इस घटना में अभिरक्षा टीम की लापरवाही का ब्योरा भेज दिया गया है।
अभी इस मामले में सिर्फ इतना ही कहा जा सकता है कि फरार मुजरिम की तलाश जारी है। टीमें निकली हुई हैं। फरारी की घटना से जुड़े रहस्यों पर से परदा हटाने के लिए वाराणसी पुलिस के साथ लगातार संपर्क बनाए रखते हुए हर दृष्टिकोण से जांच जारी है।
- बबलू कुमार, एसपी शाहजहांपुर।