गांव कुरैया खानपुर के हरजीत सिंह की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में खुटार पुलिस चार दिन से तीन लोगों को हवालात में ठूंसे हुए है। खास बात यह है कि मौत के चार दिन बाद भी इस मामले में किसी के खिलाफ कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
गौरतलब है कि हरजीत सिंह की पंजाब निवासी बुआ गुरदेव कौर का निधन हो गया था। 25 जनवरी को बुआ के घर होने वाले भोग में शामिल होने के लिए हरजीत अपनी मां हरभजन कौर के साथ पंजाब गया था। 25 जनवरी की शाम हरभजन कौर वापस घर के लिए रवाना हो गईं और हरजीत सिंह अपने दूसरे फूफा जालंधर के गांव सहमगुलिया निवासी परमजीत सिंह के घर चला गया। मंगलवार को उसका शव एक कार में पुवायां के लखपेड़ा बाग के पास मिला था। कार के साथ चालक पंजाब निवासी प्रदीप, मृतक का फूफा परमजीत और मृतक का रिश्ते का बहनोई पुवायां के गांव जुझारपुर निवासी गुरमीत सिंह थे। सूचना पर पहुंचे परिवार के लोग कार को खुटार क्षेत्र में ले गए और पुलिस बुलाकर हरजीत की हत्या का आरोप लगाते हुए तीनों को पुलिस को सौंप दिया था।
पोस्टमार्टम में मृतक के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान पाए गए थे। उसके नाक, मुंह और कान से खून बह रहा था। लेकिन चोट की वजह से मौत नहीं होना पाया गया था। पुलिस घटना के दिन से ही प्रदीप, परमजीत सिंह और गुरमीत सिंह को अवैध रूप से हिरासत में रखे हुए हैं, जबकि हरजीत की मौत के मामले में रिपोर्ट तक नहीं लिखी गई है। एसओ राजेश सिंंह ने बताया कि हरजीत की मौत के मामले में जांच चल रही है। तीन लोग पूछताछ के लिए थाने में हैं।