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हाथ की नसें काटीं फिर लगा ली फांसी

Mon, 03 Jul 2017 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
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आत्महत्या - फोटो : शाहजहांपुर ब्यूरो
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शहर के मोहल्ला सदर बाजार में एलआईसी के सामने एक मकान में युवक ने रविवार रात फांसी लगाकर जान दे दी। फांसी पर झूलने से पहले उसने हाथ की नशे भी ब्लेड़ से काट लीं। पुलिस ने मौका मुआयना कर घटना की जानकारी ली और ब्लेड को कब्जे में ले लिया। पुलिस पंचनामा भर शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। घटना से मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं पिता गुमसुम बैठे हुए थे। एएसपी सिटी, सीओ सिटी ने भी मौका मुआयना कर मामले की जानकारी ली। पुलिस ने डायरी के एक पन्ने में लिखा पाया है कि मेरी मौत का कोई जिम्मेदार नहीं है।
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सदर बाजार मोहल्ला निवासी अरुण कुमार का 23 वर्षीय बेटा कुशाग्र गुप्ता, बेटी इविशा और पत्नी बविता रविवार शाम घर पर थीं, वह अपने गांव लखीमपुर खीरी गोकन गांव खेती देखने गए थे। शाम लगभग साढ़े छह बजे कुशाग्र ने मां से मेमोज खाने की इच्छा जाहिर की तो वह बेटी इविशा को लेकर बाजार से मेमोज खरीदने चलीं गईं। वह साढ़े सात बजे बाजार से लौटी तो देखा कि कमरे में बेटे का शव फांसी के फंदे पर पंखे से लटक रहा है और गले डिश ऐंटीना के तार का फंदा कसा है। कमरे में खून भी बिखरा था। यह देख मां और बेटी की चीख निकल गई। वविता ने पड़ोसी को फोन करके बुलाया और पति को भी जानकारी दी। पड़ोसी की मदद से कैची से तार काट कर शव को नीचे उतारा। इसके बाद घर में कोहराम मच गया, जिसे सुनकर आस-पास के लोग भी इकट्ठे हो गए। सूचना पर एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी, सीओ सिटी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव, सदर इंस्पेक्टर केके तिवारी भी मौके पर पहुंच गए और मामले की जानकारी ली। सूचना पाकर गोकन से लौटकर आए पिता अरुण कुमार भी बेसुध हो गए। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि यह सब कैसे हो गया।
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आत्महत्या से जुड़ा मामला है, कमरे में एक डायरी मिली है, जिसमें उसने लिख छोड़ा है कि मेरी मौत का कोई जिम्मेदार नहीं है। कारण के बारे में अभी पता नहीं चला है।
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दिनेश त्रिपाठी, एएसपी सिटी
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