गांव खंडहर में दोपहर को वोट डालने के बाद पूर्व प्रधान की मतदान केन्द्र के बाहर निकलते ही मौत हो गई। घरवालों का आरोप है कि बूथ पर मौजूद दरोगा के हड़काने से वह सदमे में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना का पता लगते ही तमाम लोगों की वहां भीड़ लग गई और उनके विरोध की सूचना मिलने पर अधिकारी भी मौकेे पर जा पहुंचे। इस बीच आरोपी दरोगा कहीं खिसक लिया। इस मामले में पहले मृतक के लड़के की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई, परंतु बाद में समझाने बुझाने पर वह लोग मान गये।
उक्त गांव के जोगेंद्र पाल कश्यप 65 लकवाग्रस्त होने से चलने फिरने में असमर्थ थे, जिसके चलते उनका बड़ा लड़का वीरेंद्र पाल उन्हें बाइक पर बैठाकर वोट डलवाने मतदान केन्द्र पर ले गया। आरोप है कि वहां मौजूद दरोगा ने बाइक ले जाने पर आपत्ति जताई, जिसको लेकर कहासुनी होने पर दरोगा ने उन लोगों को हड़का दिया। इसके बाद जोगेंद्र ने अपना वोट डाला और बूथ से बाहर निकलते ही वह गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। घटना से वहां हड़कंप मच गया। वीरेंद्र का आरोप है कि दरोगा के हड़काने से उसके पिता को गहरा सदमा लगा, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर सके। इस घटना का पता लगते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई और उत्तेजित लोग दरोगा के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग करने लगे। अधिकारियों से वार्ता के बाद पुलिस ने मृतक के लड़के वीरेंद्र से तहरीर देने को कहा। जिसके बाद मृतक के एक लड़के द्वारा इस मामले में कोई कार्यवाही न करने की बात कहने पर मामला शांत हो गया।