तिलहर के गांव मोहनपुर में वर्ष 2013 में 13 जुलाई की शाम पौने सात बजे जान से मारने की नीयत से बृजेश कुमार पर की गई फायरिंग के मामले में दोषीसिद्ध अभियुक्त सत्यजीत को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र पांडेय ने मंगलवार को 10 साल सश्रम कारावास की सजा दी। साथ ही अभियुक्त पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस राशि में से पांच हजार रुपये फायरिंग में घायल हुए युवक को बतौर प्रतिकर देने का निर्देश दिया है।
गांव मोहनपुर में इस घटना से करीब दो माह पहले अभियुक्त ने बृजेश की लाइसेंसी रायफल छीन ली थी। बाद में आपस में समझौता हो गया और रायफल भी वापस मिल गई लेकिन तब से ही अभियुक्त ने इससे रंजिश मनानी शुरू कर दी। घटना वाली शाम यह गांव के सूबेदार वर्मा की बैठक में गांव के ही शमीम खां और सियाराम से बातचीत कर रहा था कि तभी सत्यजीत वहां आ धमका और तमंचे से इस पर फायर झोंक दिया। लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही वह मौके से भाग निकला। इसे गंभीर रूप से घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भरती कराया गया। इसके पिता मलिखान की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई और चार्जशीट दायर होने के बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई। अभियुक्त पहले ही हिरासत में है और एडीजे ने अपने आदेश में इस हिरासत की अवधि सजा में समायोजित करने को कहा है।