बच्चों के बीच शुरू हुए विवाद दो परिवारों के व्यस्क सदस्य आपस में भिड़े और खूनी संघर्ष पर उतारू हो गए। उसमें एक की फायरिंग से मौत हो गई। घटना वर्ष 2011 में 30 सितंबर की सायं साढ़े पांच बजे की है। उस मामले में दोषी सिद्ध पाए गए बाप - बेटे समेत चार आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश भगवती प्रसाद सक्सेना ने बृहस्पतिवार को उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही चारों पर 10 - 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पूरा वाकया कटरा क्षेत्र के गांव वीरमपुर का है। वहां विवाद की शुरूआत 28 सितंबर 2011 को दो परिवारों के बच्चों के बीच हुई कहासुनी से हुई। बाद में वादी के चाची गुड्डी देवी और दो अभियुक्तों की पत्नियों के बीच जमकर झगड़ा हुआ। उस मुद्दे पर पंचायत भी हुई और मामला रफा - दफा हो गया। उसके बाद 30 सितंबर 2011 की शाम अभियुक्त पक्ष की ओर से सुरेंद्र पाल गंगवार, उसका बेटा विमल कुमार, नरेश पाल और राकेश कुमार अपने हाइथों में लाइसेंसी बंदू और तमंचे लेकर वादी अमित कुमार के परिवार पर चढ़ाई की और फायर झोंक दिया। बरेली के भुता थाना क्षेत्र के गांव रावत कलां से वादी के यहां आए मौसेरे भाई अनिल कुमार को गोली लगी और एक अक्तूबर 2011 को उपचार के दौरान मौत हो गई। सरकारी वकील नत्थू लाल की से पेश सात गवाहों को सुनने और साक्ष्यों को परखने के बाद कोर्ट ने बृहस्पतिवार को अपना फैसला सुनाया।