बुधवार सुबह जानकारी मिलने पर घर में मचा कोहराम
वृद्ध था पिता, पुत्र का चल रहा था टीवी का इलाज
परिवार के लोग बोले दो मौतें महज इत्तफाक
गांव रौतापुर कलां में मंगलवार रात पिता और पुत्र की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतकों के परिवार के लोगों इसे स्वाभाविक मौत बताया है। दोनों का बुधवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया।
गांव रौतापुर कलां निवासी 90 वर्षीय निरंजन लाल अपने छोटे पुत्र 40 वर्षीय वेदप्रकाश के साथ रहते थे। वेद्रप्रकाश की शादी हुई थी, लेकिन उसकी पत्नी कहीं चली गई थी। वेदप्रकाश के कोई संतान भी नहीं थी। वेदप्रकाश के दो भाई बाबूराम गौतम और विश्राम गौतम दूसरे घर में रहते हैं। घर में खाना आदि वेदप्रकाश ही बनाता था और पिता की सेवा करता था। निरंजन लाल के पास लगभग आठ बीघा खेती भी है।
विश्राम गौतम ने बताया कि मंगलवार को वेद्र प्रकाश खाना खाकर घर के बाहर और पिता निरंजन लाल घर के अंदर सो गए। सुबह परिवार के लोग उठे तो वेदप्रकाश के घर सन्नाटा देख मौके पर पहुंचे। तब वेदप्रकाश चारपाई पर मृत मिला। घर के अंदर चारपाई पर निरंजन लाल भी मृत पड़े मिले। विश्राम गौतम ने बताया कि पिता काफी वृद्ध थे और भाई वेदप्रकाश को टीवी थी। उसका हरदोई के पिसावां में निजी डॉक्टर से इलाज चल रहा था। विश्राम के अनुसार पिता और भाई की स्वाभाविक मौत हुई है और एक ही रात में मौत महज इत्तफाक है।
परिवार के लोग वेदप्रकाश के इलाज संबंधी कोई कागजात नहीं दिखा सके। बुधवार को पिता-पुत्र की एक साथ अर्थी उठी और दोनों का गांव के बाहर अंतिम संस्कार कर दिया गया। विश्राम ने बताया कि स्वाभाविक मौत के कारण पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई है।