गांव कैमहरिया में चुनावी रंजिश को लेकर जबरदस्त गुटबाजी के चलते बृहस्पतिवार को जमकर फायरिंग हुई। फायरिंग के चलते गांव में भगदड़ मच गई, लोगों ने घरों में छिपकर जान बचाई। चर्चा है कि पुलिस एक पक्ष को अंदरखाने सपोर्ट कर रही है, जिस कारण गांव में अक्सर विवाद होता रहता है।
बृहस्पतिवार सुबह गांव कैमहरिया में गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी। गांव के दो पक्षों के बीच पहले भी कई बार विवाद होने के कारण सतर्क लोग भागकर घरों में जा दुबके। गांव में चौकी पर मौजूद सिपाहियों ने मामले की जानकारी थाने पर दी। थाने से एसओ इफ्तेखार अहमद फोर्स के साथ गांव पहुंचे और कई घरों में तलाशी ले कर तीन बंदूकें बरामद कर लीं। कई लोगों को हिरासत में ले लिया।
गांव के असलम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि पंचायत चुनाव के समय विवाद होने पर उसने गांव के ही निसार आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बृहस्पतिवार को मुकदमे की तारीख थी। निसार उसके घर राजीनामा का दबाव बनाने पहुंचा। वह खेत पर गया था। घर आते समय रास्ते में निसार मिला और राजीनामा की बात कहने लगा। मना करने पर गाली गलाौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। शोर मचाने पर निसार के पक्ष के लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी, उसने भागकर जान बचाई। इस दौरान असलम की बाइक तोड़ दी गई। उधर दूसरे पक्ष की ओर से असलम आदि के खिलाफ फायरिंग करने की तहरीर दी गई है।
फायरिंग से गांव में काफी देर तक अफरा तफरी का माहौल रहा। इस दौरान किसी ने निसार के पक्ष के सबील की बंदूक पर लाठी मारकर दो टुकड़े कर दिए। पुलिस ने असलम पक्ष के रफी मोहम्मद, निसार के पक्ष के बका उल्ला और सबील की टूटी बंदूक थाने ले गई है। दोनों ओर के कई लोगों को भी हवालात में बंद किया गया है। देर शाम तक पुलिस ने एक भी पक्ष की रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। चर्चा है कि एक नेता मामले में राजीनामा कराने के प्रयास में जुटा हे। उसी के कहने पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है। एसओ इफ्तेखार अहमद ने बताया कि गांव कैमहरिया में फायरिंग की सूचना पर कुछ लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है। जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
गांव के दबंगों पर मेहरबान हैं खुटार एसओ
खुटार। गांव कैमहरिया में दबंगों पर पुलिस की पूरी मेहरबानी है। यही कारण है कि इस गांव में शायद ही कोई महीना ऐसा जाता हो जब बवाल न होता हो। गांव में एक ही समुदाय के दो गुट एक दूसरे को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। खास बात यह है कि गांव में पुलिस चौकी भी है, लेकिन दबंग चौकी के सिपाहियों पर हावी रहते हैं।
चार माह पूर्व चौकी के सिपाही ने एक दबंग की बाइक चेकिंग के लिए रोक ली थी। इस पर दबंग ने मौके से जाने के बाद सिपाही को फोन पर जमकर गाली गलौज किया था। सिपाही ने मामले की जानकारी थाने पर दी थी, लेकिन दबंगों को शह के चलते सिपाही की बात दबा दी गई। सिपाही से गालीगलौज करने का दबंग का ऑडियो फेसबुक और व्हाट्सएप पर वायरल हुआ था।
एक अन्य मामले में गांव गंगसरा के बिजली उप केंद्र की टीम बिजली चोरी की जांच करने गांव कैमहरिया गई थी। टीम पर जानलेवा हमला कर खेतों में दौड़ा लिया गया था। चौकी के सिपाहियों ने एक नामजद को धर दबोचा तो आरोपी के पक्ष के तमाम लोगों ने चौकी पर धावा बोलकर आरोपी को छुड़ा लिया था। इसके बाद सूचना पाकर पुलिस गांव पहुंची थी और लोगों की खुशामद कर आरोपी को थाने लाकर जेल भेजा था, लेकिन चौकी से आरोपी को छुड़ाने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
फायरिंग होते ही स्कूल से भाग निकले बच्चे
खुटार। गांव कैमहरिया में फायरिंग शुरू होते ही स्कूल आए बच्चे घरों को भाग निकले। शिक्षकों ने बच्चों को शांत गलियाें से होकर घर पहुंचाया। फायरिंग होते ही लोग अपने घरों में दुबक गए और काफी देर तक गांव की गलियां सुनसान पड़ी रही। पुलिस ने गांव पहुंचकर लोगों से शांति बनाए रखने को कहा और गलियों में घूमकर लोगों को सुरक्षा का एहसास कराया।