गेहूं काटने से मना करने से नाराज होने पर अधेड़ को आधा दर्जन लोगों ने चाकुओं से गोद दिया। बचाव करने ने बेटा गंभीररूप से घायल हो गया। हमलावरों ने पत्नी और बेटी की भी पिटाई की। अधेड़ की इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। जबकि बेटे को जिला अस्पताल भेजा गया है। इस मामले में मृतक के बेटे की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
क्षेत्र के गांव इटौरिया निवासी तस्लीम ने पुलिस को बताया कि उसे गांव के सरदार खां अपने गेहूं काटने के लिये मजदूरी पर बुला रहे थे, लेकिन वह गांव के रियाज खां के गन्ने के खेत में छिलाई करने चला गया था, जिसके चलते उसने मना कर दिया। इसी बात से खफा सरदार खां ने अपने भाई इबरार के साथ रियाज के खेत पर आकर उसकी पिटाई कर दी। उसने घर पहुंचकर अपने पिता घस्सू खां (55) को आपबीती सुनाई तो पिता शिकायत लेकर सामने रह रहे सरदार खां के मकान पर गए। पहले से चिढ़े बैठे सरदार खां, इबरार खां, जलील खां, सरताज, अकील और सीबू ने गाली गालौज व मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि इसी बीच सरदार खां और उनके साथियों ने पिता घस्सू खां पर चाकुओं व अन्य धारदार हथियार से प्रहार करने शुरू कर दिए। बचाव में उसके पिता अपने घर की ओर भागे। इस दौरान उसका भाई तसरीफ, बहन सबीला, मां नरजहां बचाने पहुंची तो आरोपियों ने उन पर भी हमला बोल दिया। चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग आ गए। तभी वह मौके से भाग गए।
घटना की सूचना सौ नंबर पर दी गई मौके पर कार्यवाहक प्रभारी बिरजाराम भी पुलिस टीम के साथ पहुंच गए और गंभीर घायल घस्सू और उसके बेटे तसरीफ को जिला अस्पताल भेजा, लेकिन घस्सू ने जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। इस मामले में पुलिस ने मृतक घस्सू खां के पुत्र तस्लीम की तहरीर पर सरदार खां, इबरार, सरताज, अकील, जलील और सीबू के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। शव का पोस्टमार्टम कराया है।
इनसाइड स्टोरी
घटना में गुर्री के एक सिपाही की भूमिका संदिग्ध
इटौरिया गांव में घस्सू खां की हत्या के मामले में गुर्री के एक सिपाही की भूमिका को भी संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है। इस पूरे मामले में गांव में चर्चा है कि आरोपियों का गुर्री की पुलिस चौकी में पिछले चार वर्ष से तैनात एक सिपाही से अच्छे दोस्ताना संबंध हैं। जिसके बल पर सरदार खां और उसके परिवार के लोग हेकड़ी दिखाया करते थे। घटना वाले दिन भी आरोपियों ने पहले घस्सू खां के बेटे तस्लीम को खेत पर जाकर पटक पटक कर मारा। इसकी शिकायत गुर्री पुलिस चौकी पर की गई, लेकिन यहां तैनात सिपाही ने डरा धमकाकर उसे भगा दिया था। बाद में घस्सू खां ने जब सरदार खां से शिकायत की तो उसको अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। घटना के बाद सबसे पहले यही सिपाही घटना स्थल पर पहुंचा था लेकिन उसने आरोपियों को पकड़ने की बजाय उन्हें भागने का पूरा मौका दिया।