27 जनवरी को गांव रौतापुर कलां के रमेश मिश्रा और उनके सौतेले भाई सेठलाल के परिवारों में गाली गलौज को लेकर विवाद हो गया था। इासके बाद रमेश मिश्रा के परिवार के लोगों ने सेठलाल के घर हमला बोल दिया था और जमकर मारपीट की थी। बताया जाता है कि सेठलाल के परिवार पर रुक रुक कर तीन बार हमला बोला गया और परिवार के लोगों को लाठी डंउज्ञें से जमकर पीटा गया। सूचना के बाद भी पुलिस एक घंटे बाद मौके पर पहुंची।
पुलिस ने दोनों ओर से घायल 12 लोगों अस्पताल में भर्ती कराया था। गंभीर रूप से घायल सेठलाल के 14 वर्षीय पौत्र प्रवीण की बरेली में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। सेठलाल की बहन रन्ना देवी भी मारपीट में गंभीर घायल हुई थीं। सोमवार को उनकी हालत बिगड़ गई और वह कोमा में चली गई। बुधवार रात नौ बजे शाहजहांपुर के जिला अस्पताल में रन्ना देवी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि रन्ना देवी के शव पोस्टमार्टम कराने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। रन्ना देवी की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है। रन्ना देवी के भाई सेठलाल और भतीजे मुनीश की हालत भी गंभीर है।
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पुलिस पर लगाया आरोप
खुटार। गंभीर घायल सेठलाल का आरोप है कि पुलिस ने राजनैतिक दबाव और साठगांठ के चलते उन लोगों पर भी 308 का मुकदमा दर्ज किया है। प्रवीण और रन्ना देवी की मौत के जिम्मेदार और रिपोर्ट में नामजद रमेश मिश्रा को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है। रमेश अपने बचाव में झूठे शपथ पत्र लगाकर पुलिस से साठगांठ कर अपने को रिपोर्ट से बाहर कराने के प्रयास में लगा है।