बिसरात मोहल्ले निवासी शिखा और उसकी सहेली खुशबू की हत्या उन्हीं के दुपट्टे से गला दबाकर की गई थी। अब तक जारी तफ्तीश और हिरासत में लिए गए नामजद सहित अन्य आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को इस जानकारी के साथ पूरी कहानी के कई अहम तथ्य मिले हैं। शनिवार तक लाश बरामद नहीं होती है तो भी पुलिस कहानी की पटाक्षेप कर अपहरण और हत्या में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश कर देगी।
आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि शिखा को केवल प्रापर्टी विवाद ही नहीं प्रेम में छलावे के चलते भी मारा गया है। दोनों सहेलियों की हत्या के नामजद आरोपी शिखा के मौसेरे भाई राहुल ने पहले अपने नाना को मारने की सुपारी दी थी। गजरौला के जिस युवक को सुपारी दी गई थी, शिखा की उससे काफी नजदीकियां हो गई और इससे खफा राहुल ने शिखा को मारने का प्लान बना डाला। उसने केवल शिखा को बुलाया था लेकिन खुशबू के साथ आने के कारण उसकी भी हत्या कर दी। शिखा राहुल के साथ रजामंदी से गई थी। पुलिस को राहुल के नाना की सुपारी लेने वाला युवक अभी नहीं मिला है।
पूछताछ में शुक्रवार को आरोपी ने बताया कि वह शिखा और खुशबू की रजामंदी से ही उन्हें इनोवा में लेकर घूमने निकला था। दोनों सहेलियां सैरसपाटा और मस्ती करने को लेकर खुश थीं। यहां भी तय हो गया था कि ज्यादा दूर निकलने पर दोनों ने शुक्रवार की रात बाहर बिता लेने और परिवारवालों को किसी सहेली के यहां रुक जाने के लिए मोबाइल पर सूचित कर देना तक भी तय किया था। गजरौला में एक ढाबे पर राहुल ने वाहन बदला क्योंकि उसने जहां मर्डर करने का प्लान किया हुआ था, वहां फल और दूध की मंडी होने के चलते मालवाहक वाहन ही ज्यादा चलते हैं।
किसी को इन पर शक ना हो और कोई टोकाटाकी ना करे, इसीलिए राहुल ने वहां से एक डीसीएम किराए पर ली। उसमें दोनो सहेलियों को साथ लेकर अंधेरा होने पर नहर किनारे सुनसान स्थान पर पहुंचा। उसने बदले हुए तेवर में दोनों सहेलियों को उतारा तब जाकर उन्हें अपने साथ अनहोनी होने का की आशंका हुई। दोनों ने जान बख्शने की गुहार की लेकिन आरोपी कातिलों ने दोनों के स्वेटर-जैकेट उतारे और उन्हीं के दुपट्टे से उनका गला दबाकर मार डाला। इसके बाद दोनों का शव नहर में डाल दिया।
पूछताछ में यह जानकारी भी सामने आई कि राहुल ने घटना के बाद मर्डर वाले स्पाट से अपना खराब मोबाइल इस्तेमाल करना तय किया था। इसीलिए उसने खराब मोबाइल गजरौला में एक दुकान पर बनने को दिया था। मर्डर करने के बाद जब उस दुकान पर गया तो दुकान बंद हो चुकी थी। उसी के सामने कुछ दूरी पर खाली पड़े प्लाट में राहुल ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर शिखा और खुशबू के जैकेट-स्वेटर आदि जला दिए। एसपी बबलू कुमार ने बताया कि अब तक की तफ्तीश में मिले सहेलियों की हत्या के संबंध में आरोपियों के बयान और उनकी निशानदेही पर बरामद साक्ष्यों के आधार पर शनिवार को विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी है।
नहीं मिली लाशें, तलाश जारी
लापता सहेलियों के मारे जाने की पुष्टि भले ही आरोपियों और साक्ष्य से हो गई हो लेकिन दोनों की लाशें गजरौला नहर में शुक्रवार शाम तक की तलाशी के बाद भी नहीं मिल पाई थीं। शुक्रवार को भी गोताखोरों ने नहर में 10 किमी की दूरी तक मोटरबोट और स्टीमर लेकर तलाशी अभियान चलाया। घटनास्थल से गंगा नदी करीब 30 किमी की दूरी है। सदर बाजार थाना के इंस्पेक्टर जेपी तिवारी के अनुसार, गढ़ मुक्तेश्वर ब्रज घाट पुलिस चौकी तक नहर में तलाशी के लिए गोताखोर उतरे लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
राहुल के पिता और बहन फरार
सहेलियों के मर्डर के मामले में नामजद आरोपी राहुल के पिता और बहन भूमिगत हो गए हैं। फाइनल राउंड की पूछताछ के लिए पुलिस ने शुक्रवार को राहुल के पिता के तिलहर और गजरौला के दोनों आवासों पर दबिश लेकिन वह नहीं मिले। गजरौला के महेसड़ा गांव में रहने वाली राहुल की बहन भी हिरासत में लिए जाने से पहले ही गायब हो गई। यहां से एक विशेष टीम को दोनों की बरामदगी के लिए शुक्रवार रात गजरौला के लिए रवाना किया गया है।