जलालाबाद के बड़ा हरेवा कांड से ताल्लुक रखने वाली लड़की को अपनी मर्जी से कहीं भी रहने की आजादी देने वाले मजिस्ट्रेट के आदेश पर सेशन कोर्ट से रोक के बाद शनिवार को विवेचक ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। दरअसल सेशन कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 18 जून की तिथि नियत की है। लिहाजा विवेचक ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर इस अवधि में लड़की को उचित स्थान पर रखने की व्यवस्था करने की मांग की है। कोर्ट ने इस प्रार्थनापत्र पर भी सुनवाई के लिए 18 जून की तारीख मुकर्रर कर दी है। इधर, लड़की के प्रेमी संतोष की ओर से भी वकील ने लड़की को नारी निकेतन भेजने की गुहार अदालत में लगाई है। जज ने इस प्रार्थना पत्र पर भी सुनवाई की तारीख 18 जून लगाते हुए मामला द्वितीय एडीजे कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है।
बता दें कि 27 मई 2015 को एसीजेएम द्वितीय कोर्ट ने लड़की को अपनी मर्जी से कहीं भी रहने के लिए स्वतंत्र करते हुए आदेश पारित किया था। इस आदेश का विरोध करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से डीजीसी फौजदारी नरेंद्र यादव ने जिला जज की कोर्ट में 28 मई को रिवीजन दायर किया था। रिवीजन में कहा गया था कि लड़की नाबालिग है। ऐसी दशा में उसे प्राकृतिक संरक्षक उसकी दादी को सौंपा जाए। रिवीजन एडीजे द्वितीय की कोर्ट में ट्रांसफर होने के बाद एडीजे द्वितीय पीके चौरसिया ने एसीजेएम प्रथम के लड़की को स्वतंत्र करने के आदेश पर रोक लगा दी थी और इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 18 जून नियत कर दी।
विवेचक को स्टे के आदेश की कॉपी आज मिली तो उन्होंने डीजीसी के माध्यम से सुपुर्दगी के संबंध में अगला आदेश आने तक लड़की के रहने की उचित व्यवस्था के संबंध में जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया।
उधर, आज ही प्रेमी संतोष की ओर से लड़की की सुपुर्दगी का निर्णय आने तक उसे नारी निकेतन में रखने का प्रार्थना पत्र दिया। इन दोनों प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई के लिए जज ने 18 जून की तारीख नियत की है।
थाना प्रभारी पर अवमानना का आरोप
संतोष की ओर से उनके वकील ने एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में शनिवार को थाना प्रभारी निरीक्षक जलालाबाद और विवेचक के विरुद्ध कोर्ट के आदेश की अवमानना का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया है। इस प्रार्थना पत्र पर एक जून को सुनवाई हो सकती है।
श्रीदेवी की जमानत अर्जी पर सुनवाई एक को
हरेवा प्रकरण में आरोपी श्रीदेवी की जमानत की अर्जी पर सुनवाई अब एक जून को होगी। इधर, आरोपी वीरावती ने शुक्रवार को एसीजेएम प्रथम कोर्ट में समर्पण कर दिया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।