जीआरपी थाना का निरीक्षण करने के लिए रेलवे के डीआईजी दलवीर सिंह यादव रविवार को 10:40 मिनट पर स्टेशन पर पहुंचे। उनके वहां पहुंचने पर सब इंस्पेक्टर अजय वर्मा की अगुवाई में शस्त्र सलामी दी गई। इसके बाद उन्होंने जीआरपी इंस्पेक्टर के कक्ष में बैठकर अपराध रजिस्टरों को चेक किया। साथ ही लूट की घटना के बारे में उनके द्वारा लिए गए एक्शन के बारे में कड़ाई से पूछा।
इसके बाद वह रेलवे गेस्ट हाउस पहुंचे। वहां उन्होंने उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर आदि जिलों के जीआरपी थाना और चौकी प्रभारियों के साथ बैठक की। सबसे पहले डीआईजी ने चौकी और थाना प्रभारियों से पूछा कि विवेचना कितने दिनों में समाप्त होनी चाहिए। इस पर उपाध्याय ने जवाब दिया कि 24 घंटे में। इसके बाद डीआईजी ने बताया कि 90 दिन, 60 दिन और 24 घंटे में विवेचना समाप्त होने का नियम है, लेकिन तेजी से बदलते जमाने में 24 घंटे में विवेचना समाप्त करें। कहा कि विवेचना पूरी होने पर अभियुक्त पेश करें। साथ ही अभियुक्त को गिरफ्तार करने पर तुरंत चार्जशीट दाखिल करें। घटना स्थल के बारे में ज्यादा बयान दर्ज करने से ज्यादा विवेचना को निपटाने पर जोर दें।
उन्होंने सीआरपीसी के झंझटों से बचने के लिए अभियुक्त को गिरफ्तार करने और न करने की वजह को जीडी में दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जीआरपी के द्वारा पकड़े गए अभियुक्त के जमानत पर छूटने की बहानेबाजी नहीं चलेगी। कहा कि जमानत मिलना एक संवैधानिक अधिकार है, जिससे किसी को वंचित नहीं किया जा सकता है। कहा कि क्राइम कंट्रोल करना एक सतत प्रक्रिया है, जिसे लगातार जारी रखा जाए। अपराधी के जेल से छूटने के बाद उसके अपराध करने पर दोबारा पकड़ लेना चाहिए। ऐसा लगातार होने पर उस पर निर्धारित सिस्टम फेल हो जाएगा, जो उसे अपराध करने से रोकेगा।
यादव ने थाना और चौकी प्रभारियों को समझाते हुए बताया कि रेलवे का अपराधी ट्रेनों में ही अपराध करेगा, क्योंकि यहां पर बगैर किसी असलाह के घटनाओं को अंजाम दिया जा सकता है। इसके लिए सतर्कता से लगातार काम करना होगा। बताया कि एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट में कार्रवाई करने से क्राइम कंट्रोल नहीं होगा। इस दौरान सीओ विमल श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय, एसओ राहुल यादव, एसआई जयसिंह समेत कई एसआई मौजूद रहे।
सेवक बनकर काम करे जीआरपी
डीआईजी ने जीआरपी चौकी और थाना प्रभारियों को नसीहत देते हुए कहा कि वे लोग सेवक बनकर काम करें। कहा कि छोटे से लेकर बड़ा अधिकारी या कर्मचारी सभी जनता की सेवा करने के लिए ही नौकरी कर रहे हैं। इसलिए जीआरपी को यात्रियों की मदद करने के लिए सदैव तत्परता से काम करना होगा।
अभियान के बहाने निर्दोषों पर न करें कार्रवाई
विभागों से निर्देश मिलने पर चलाए जाने वाले अभियान के दौरान निर्दोषों पर कार्रवाई न करने के निर्देश डीआईजी ने दिए। डीआईजी यादव ने कहा कि अभियान चलाए जाने पर अक्सर तमाम निर्दोष लोगों पर कार्रवाई कर दी जाती है। बताया कि इससे पब्लिक में पुलिस की छवि खराब होती है।
ट्रेनों में हुई लूट डकैतियां जानीं
बीते दिनों में ट्रेनों में हुईं लूट और डकैतियों के बारे में डीआईजी ने जानकारी ली। इस पर वहां पर मौजूद जीआरपी के अधिकारियों ने बताया कि मुरादाबाद क्षेत्र में कर्मभूमि एक्सप्रेस और पीआरपीएम स्टेशन के पास सद्भावना एक्सप्रेस में हुई लूट के बारे में बताया। इसके साथ ही डीआईजी ने शनिवार की रात हुई लूट की घटना के खुलासे के निर्देश दिए।