दिल्ली के थाना डाबरी क्षेत्र के द्वारिका इलाके से दो दिन पहले एंबुलेंस चोरी करके भागे युवक को कोतवाली पुलिस ने जिला अस्पताल से सोमवार को एंबुलेंस समेत गिरफ्तार कर लिया। वह एंबुलेंस को बेचने के प्रयास में था।
मूल रूप से थाना परौर क्षेत्र के गांव बमनी निवासी वीरेंद्र श्रीवास्तव अपने परिवार के साथ बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र के मोहल्ला संजयनगर में रहते हैं। उनका बड़ा बेटा अजीत दिल्ली के थाना डाबरी क्षेत्र के द्वारका इलाके में निजी अस्पताल चलाने वाले डॉ. मनोज कुमार की एंबुलेंस चलाता था। शनिवार को वह अस्पताल से एंबुलेंस लेकर गायब हो गया। डॉ. मनोज ने थाना डाबरी में अजीत के खिलाफ एंबुलेंस चोरी करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। अजीत के मुताबिक एंबुलेंस चोरी करने के बाद वह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से एक शव लेकर हरदोई पहुंचाने गया। इसके बाद वह शाहजहांपुर के जिला अस्पताल आ गया। यहां से भी उसने एक मरीज को जलालाबाद पहुंचाया। वह एंबुलेंस को बेचने की फिराक में था। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी कि एक व्यक्ति चोरी की एंबुलेंस का सौदा कर रहा है।
पुलिस ने सोमवार को अजीत को चोरी की एंबुलेंस के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दिल्ली के डाबरी थाने में एंबुलेंस बरामद होने की सूचना दे दी है। कोतवाली केके तिवारी के मुताबिक अजीत दो बार वाहन चोरी में जेल जा चुका है। एक बार बरेली के बारादरी थाने से और दूसरी बार दिल्ली के हरीनगर थाने से वाहन चोरी में जेल गया है। अजीत आठ जून को ही वाहन चोरी के मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल से छूटा था। सूचना मिलने के बाद एंबुलेंस मालिक थाना डाबरी पुुलिस के साथ रवाना हो गए हैं। तलाशी में अजीत के पास एक तमंचा और कारतूस भी बरामद हुआ है। पुलिस ने अजीत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।