कर्ज के बोझ तले दबे किसान को जब गेहूं की फसल भी धोखा दे गई तो वह यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका और मंगलवार देर रात उसकी मौत हो गई। घर के मुखिया की मौत से घरवाले बुरी तरह परेशान हैं। जिले में अब तक नुकसान से प्रभावित 74 किसानों की मौत हो चुकी है।
मामला गांव कनारी बांक का है। यहां के 50 वर्षीय श्रीराम के पास मात्र तीन बीघा अपनी जमीन थी। इस पर वह घर के खर्च के लिए गल्ला पैदा कर शेष समय मजदूरी आदि करके परिवार का भरण पोषण करते थे। घरवालों के अनुसार खेत में लागत तथा अन्य जरूरत के लिए उसने गांव के ही तीन लोगों से करीब 50 हजार रुपये उधार लिये थे। मंगलवार शाम उसने अपने तीन बीघे जमीन के गेहूं की गहाई कराई तो उसमें मात्र चार क्विंटल ही गल्ला निकला। कम गल्ले के साथ ही कर्ज चुकाने की चिंता के चलते तबियत बिगड़ने पर वह घर चला आया और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। मृतक के घर में पत्नी के अलावा दो पुत्र हैं।