बृहस्पतिवार देर रात करीब एक बजे घर के बाहर शौच के लिए निकली 15 वर्षीय दलित किशोरी को तीन युवकों ने दबोच लिया और खेत में ले जाकर उससे दुराचार किया। पीड़ित शुक्रवार सुबह खेत में बेहोश मिली। होश में आने पर उसने पूरी घटना परिवारवालों को बताई। किशोरी की मां की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। रिपोर्ट में दर्ज ब्योरे के अनुसार, दुराचार एक युवक ने किया था, जबकि दो अन्य साथ में थे।
पुलिस को दी तहरीर के मुताबिक बृहस्पतिवार रात पीड़ित के पिता बदायूं स्थित रिश्तेदारी में गए हुए थे। किशोरी मां के साथ घर पर अकेली थी। रात करीब एक बजे किशोरी घर के बाहर शौच के लिए निकली थी। वहां पहले से घात लगाकर बैठे पड़ोसी युवक, उसके एक साथी और साथी केे चाचा ने उसे दबोच लिया और पास के एक कोल्ड स्टोरेज के पीछे खेत में खींच ले गए। फिर उसके मुंह में उसी का दुपट्टा ठूंसकर दुराचार किया। पीड़ित को बेसुध होता देख तीनों भाग निकले।
उधर, बेटी के देर तक घर न लौटने पर पीड़ित की मां ने अन्य घरवालों के साथ बेटी की तलाश शुरू की। सुबह करीब पांच बजे किशोरी बेहोशी की हालत में खेत में मिली। घर लाए जाने पर होश में आने के बाद पीड़ित ने मां को पूरी आपबीती सुनाई। इसी बीच पूरे मामले का भेद खुलने की सूचना पाकर तीनों आरोपी और उनके परिवार वाले गांव छोड़कर भाग निकले। मां ने थाने में रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने यह मामला दुराचार की धारा, पाक्सो एक्ट और एससी एसटी एक्ट में दर्ज किया है। सूचना मिलने पर सीओ उमेश शर्मा महिला पुलिस कर्मी लेकर मौके पर पहुंचे और घटना के संबंध में जानकारी ली। पीड़ित को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। आरोपियों की तलाश में दबिशें दी जा रही हैं।
सीओ ने बताया कि पाक्सो के साथ एससी एसटी एक्ट में केस दर्ज होने के कारण वह ही इस मामले की विवेचना कर रहे हैं। पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और उसकी हालत अब बिल्कुल ठीक है।