दिल्ली आसपास में रहकर दूरदराज के जिलों में रहने वाले आनलाइन बैंकिंग करने वालों के खाते में हेरफेर कर रुपये निकालने वाला एक बड़ा साइबर ठग रैकेट इन दिनों सक्रिय है। इसकी जद में शाहजहांपुर भी है। यहां के एक कारोबारी के खाते से मोटी रकम गायब कर दिए जाने के मामले की जांच के क्रम में शाहजहांपुर पुलिस को रैकेट से जुड़े अहम् सुराग हाथ लगे हैं। इन्हीं की पुष्टि के लिए गाजियाबाद से बुलाए गए दो युवकों से बुधवार रात को पूछताछ शुरू की गई है। प्रामाणिक तथ्यों के हाथ आते ही बृहस्पतिवार को पूरे मामला का पुलिस खुलासा करने की तैयारी में है, ताकि आनलाइन बैंकिंग करने वाले ऐसे ठगों से सजग रहें।
गाजियाबाद से आए इन दोनों युवकों ने पूछताछ में ठगी में लिप्त रहने की बात कबूली है। ये दोनों पहले काल सेंटर पर काम करते थे और वहीं साइबर ठगी का हुनर सीखा। वहीं से आनलाइन बैंकिंग करने वाले धनाढ्य लोगों के ऐसे खातों का ब्योरा संकलित किया। फिर एलआईसी से जुडने के बाद इन युवकों ने रैकेट के मास्टरमाइंड के साथ मिलकर एक करोड़ से अधिक की राशि वाले खाताधारकों को चूना लगाना शुरू किया। आनलाइन बैंकिंग में इनके द्वारा अपनाए जाने वाले ठगी के तरीकों के बारे में पुलिस इनसे जानकारी जुटा रही है। सर्विलांस निगरानी से इनका और इनके द्वारा प्रयुक्त होने वाले लैपटॉप आदि की लोकेशन को ट्रेस करने के बाद इन पर शाहजहांपुर की पुलिस ने शिकंजा कसा। आधिकारिक तौर पर इस बारे में पुलिस अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। एसपी बबलू कुमार ने कहा कि जिले में सक्रिय कई संगठित आपराधिक गिरोहों पर जांच टीमें काम कर रही हैं और एक-एक कर जल्द ही सभी का खुलासा किए जाने की संभावना है।