बाइक सवार किसान से बेवजह मारपीट करना दरोगा और सिपाहियों को भारी पड़ गया। गांव के लोगों ने पुलिसकर्मियों को घेर कर पिटाई कर दी। खबर भेजे जाने तक भीड़ पुलिस वालों को घेरे हुई थी। मामले की सूचना अधिकारियों को भी दी गई है।
सोमवार रात बंडा थाने के दरोगा संदेश यादव, सिपाही विजयभान के साथ शाहजहांपुर के सीमावर्ती पीलीभीत के गांव बाजारगंज गए थे। दरोगा वर्दी में था। उसके साथ गया सिपाही वर्दी में नहीं था। पुलिस वालों के साथ एक अन्य व्यक्ति भी था। रास्ते में गांव पिपरिया मजरा के मनोहर सिंह को पुलिस वालों ने रोक लिया और गाली गलौज करते हुए तलाशी लेने लगे। मनोहर सिंह पुलिस वालों को बदमाश समझकर मौके से भाग निकले। पुलिस वालों ने उनका पीछा भी किया लेकिन वह पकड़ में नहीं आए। इस बीच मनोहर सिंह ने अपने परिवार और अन्य जान पहचान के लोगों को फोन कर बदमाश होने की सूचना दे दी।
इस पर लोगों ने रास्ते में गांव इंदलपुर कॉलोनी के पास घेराबंदी कर दरोगा, सिपाही और उनके साथ मौजूद व्यक्ति को पकड़ लिया। जब तक पुलिसकर्मी परिचय देते तब तक लोगों ने उनको पीटना शुरू कर दिया। पुलिस वाले होने की जानकारी मिली तो लोग दरोगा और सिपाही को गांव डुडवा पिपरिया ले आए। जानकारी पाकर एसओ रजी अहमद भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। खबर लिखे जाने तक एसओ और गांव के लोगों के बीच वार्ता चल रही थी। दरोगा संदेश यादव ने बताया कि वह कच्ची शराब की सूचना पर बाजारगंज के पास गए थे। लोगों ने गलतफहमी में उन्हें पकड़ लिया। एसओ रजी अहमद ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की बात निराधार है।