बताते चलें कि 18 दिसंबर की शाम सात बजे दुकान बंद कर बाइक से घर जाते समय पप्पू श्रीवास्तव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 19 दिसंबर को एसपी बबलू कुमार भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस को घटना का जल्द ही खुलासा करने के निर्देश दिए थे। गांव मजीदापुर के तीन लोगों को पुलिस ने लगभग 10 दिन तक हिरासत में रखा, लेकिन पुलिस को पप्पू की हत्या से संबंधित कोई जानकारी हाथ नहीं लग सकी। हत्या के एक माह से अधिक का समय होने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
सांसद कृष्णाराज ने शुक्रवार को पप्पू के घर पहुंचकर मामले की जानकारी ली थी। पप्पू के परिवार के लोगों ने मामले की जांच पुवायां पुलिस से हटाकर अन्य थाने अथवा क्राइम ब्रांच से कराए जाने की मांग भी की थी। सांसद ने एसपी से फोन पर वार्ता कर हत्याकांड के जल्द खुलासे को कहा था। सांसद ने कहा कि था कि पांच दिन में हत्या का खुलासा नहीं हुआ तो आंदोलन शुरू करने पर बाध्य होना पड़ेगा।
सांसद की सक्रियता के बाद शनिवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने अधिकारियों के निर्देश पर जांच अपने हाथ में लेकर हत्याकांड के खुलासे को प्रयास तेज कर दिए हैं। शनिवार को पूरे दिन टीम हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी रही। हालांकि अभी क्राइम ब्रांच को भी कोई सफलता नहीं मिल सकी है।