एनआरएच के तहत जिले में संविदा पर एमबीबीएस आयुष डॉक्टरों के 57 पदों, पैरामेडिकल के 24 पदों और एएनएम के 10 पदों की नियुक्तियां होनी थी। इनमें नियम कायदों को दरकिनार करके नियुक्तियां कर दी गईं थीं। जिसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन से की गई। जिसकी जांच में सीएमओ उमेश यादव को दोषी पाया गया और उन्हें निलंबित कर दिया गया।
आयुष डॉक्टरों की नियुक्तियों में काफी लोगों ने आवेदन किया था। सभी नियमों को ताख में रखकर मनचाहे लोगों की नियुक्ति कर दी गई थी। नियुक्तियों में धांधली होने पर काफी बवाल हुआ था। इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्री से की गई थी। जिसमें एडी हेल्थ डॉ. सुबोध शर्मा ने जांच की थी, जिसमें गड़बड़ी पाई गईं थी। जांच में सीएमओ को गड़बड़ी का जिम्मेदार पाया गया था। इसके अलावा एनआरएचएम में बीपीएम घोटला, प्र्रिटिंग और स्टेशनरी घोटला आदि की जांच चल रही हैं।
नियुक्तियों में की जांच में गड़बड़ी पाई गई थीं, जिसकी जांच करके शासन को भेजी गई थी। सीएमओ यादव ने मेरे पास निलंबन का पत्र ईमेल किया है। जिसमें लिखा की नियुक्तियों के प्रथम दृष्टया उनको दोषी पाया गया है, इसलिए उन्हें निलंबित किया जा रहा है। अभी मेरे पास इसकी कोई रिपोर्ट शासन से नहीं आई है।
- डॉ. सुबोध शर्मा, एडी हेल्थ