सिविल बार के कई वकीलों ने मॉडल बायलाज के विपरीत चुनाव कराने का आरोप लगाते हुए चुनाव का बहिष्कार कर दिया है। मंगलवार को सिविल बार एसोसिएशन में कई पदों पर मतदान होना है।
सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार लल्ला, महामंत्री ओमपाल सिंह यादव, सुनील सिंह, मनोज पटेल, बलवीर सिंह आदि अधिवक्ताओं ने बताया कि चुनाव कराने के लिए लगभग आठ माह पूर्व नामांकन हुए थे। इसमें कुछ अधिवक्ताओं ने बार कौंसिल को पत्र भेजकर गलत तरीके से चुनाव कराने का आरोप लगाया था। इस पर बार कौंसिल ने चुनाव अधिकारी को पत्र भेजकर मॉडल बायलाज के अनुसार ही चुनाव कराने के लिए कहा था। चुनाव अधिकारियों ने नामांकन प्रक्रिया को रद्द कर दिया था। बार कौंसिल के निर्देशन में चुनाव कराने के लिए पांच वरिष्ठ अधिवक्ताओं को नामित करके एल्डर्स कमेटी का गठन किया गया। आरोप है कि इस समय चुनाव कराने के लिए कोई बैठक का आयोजन भी नहीं किया गया। इससे साथियों को पता लग सके कि मंगलवार को चुनाव होना है। उन्होंने कहा अध्यक्ष पद के लिए एक प्रत्याशी इस समय बाहर गए हुए हैं, ऐसे में गुपचुप तरीके से चुनाव कराना ठीक नहीं होगा। इस कारण वह लोग चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं।
अध्यक्ष पद का पर्चा वापस करने की मांग
पुवायां। एक ओर सिविल बार एसोसिएशन के कुछ अधिवक्ताओं ने तमाम आरोप लगाते हुए चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की तो वहीं अध्यक्ष पद के प्रत्याशी कृष्णानंद राठौर के साथ अनूप कंचन ने उनका पर्चा वापस लेने के लिए चुनाव अधिकारी को पत्र सौंपा है। उनका कहना है कि राठौर इस समय बाहर गए हुए है फिर भी चुनाव कराया जा रहा है जो गलत है। इसलिए वह पर्चा वापस ले रहे हैं।